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शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर से एक करोड़ रुपए की वसूली के लिए धमकाने के मामले में सामने आए हनी ट्रैप-2 ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। मामले की जांच अब सागर निवासी रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी के इर्द-गिर्द घूम रही है, जिसे इस नेटवर्क की मुख्य कड़ी माना जा रहा है। पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां कथित हनी ट्रैप वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत जुटाने में लगी हैं। सूत्रों के अनुसार, राजनीति में सक्रिय होने की महत्वाकांक्षा रखने वाली रेशू ने श्वेता विजय जैन के माध्यम से इंदौर की चर्चित लेडी तस्कर अलका दीक्षित से संपर्क किया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद तीनों ने मिलकर प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई। निमाड़ के नेता को भी बनाया था निशाना जांच में यह भी सामने आया है कि रेशू और उसके साथियों ने निमाड़ क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता को भी निशाना बनाया था। सूत्रों के मुताबिक, इस नेता का इंदौर स्थित मकान अलका दीक्षित के इलाके में है। जब अलका ने चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने की कोशिश की, तब उसने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला दिया। इसके जवाब में अलका ने कथित हनी ट्रैप वीडियो दिखाते हुए कहा कि जिन बड़े लोगों के नाम लिए जा रहे हैं, उनके वीडियो भी उसके पास मौजूद हैं। इसके बाद मामला भोपाल तक पहुंच गया। 19 दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर बताया जा रहा है कि ब्लैकमेलिंग की शिकायत मिलने के 19 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। चिंटू ठाकुर पहले से ही आजादनगर थाने में हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने दबिश देकर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, पार्टनर लाखन चौधरी, कथित पत्रकार जितेंद्र पुरोहित, श्वेता विजय जैन और संदेही हेड काॅन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लिया। सूत्रों के अनुसार, जितेंद्र पुरोहित का एक रिश्तेदार पुलिस विभाग में पदस्थ है, जिसने अलका का उज्जैन में जमीन के सौदे को लेकर संपर्क कराया था। रेशू को भी बनाया आरोपी पुलिस ने बुधवार को श्वेता जैन और अलका दीक्षित के साथ रेशू उर्फ अभिलाषा को भी आरोपी बनाया। जानकारी के मुताबिक, रेशू भाजपा के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी रह चुकी है। क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि रेशू से पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आया है कि वह अलका और श्वेता के साथ कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में सक्रिय थी। वहीं हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा से भी देर रात तक पूछताछ हुई। पुलिस को अलका से उसके सीधे संपर्क के संकेत मिले हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है। श्वेता जैन ने खुद को बताया बेगुनाह पुलिस रिमांड के दौरान श्वेता जैन ने अधिकारियों को बताया कि अलका और रेशू दोनों उसके संपर्क में थीं। उसने अलका को समझाया था कि जिन लोगों को फंसाने की कोशिश की जा रही है, वे बेहद प्रभावशाली हैं। इसके बावजूद अलका नहीं मानी और उसने श्वेता को भी मामले में उलझा दिया। श्वेता ने खुद को सरकारी गवाह बनाने की इच्छा भी जताई है। वीडियो और डिजिटल सबूत जुटाने में पुलिस हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से रेशू की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक महिला अधिकारियों की टीम उससे लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस की प्राथमिकता रेशू और अलका के पास मौजूद कथित हनी ट्रैप वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल सबूत जब्त करने की है। आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ ऑडियो-वीडियो फाइलें भी रिकवर किए जाने की जानकारी सामने आई है। कोर्ट पेशी के दौरान बनी थी साजिश सूत्रों के अनुसार, श्वेता विजय जैन की अलका दीक्षित से जेल में दोस्ती हुई थी। कोर्ट पेशी के दौरान श्वेता, रेशू को लेकर अलका से मिलने पहुंचती थी। इसी दौरान कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की योजना बनाई गई। रेशू ने अलका को बताया था कि उसके कई नेता, प्रॉपर्टी कारोबारी, फाइनेंसर, शराब कारोबारी और अफसरों से संपर्क हैं, जिन्हें निशाना बनाकर आसानी से रुपए ऐंठे जा सकते हैं।
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हनीट्रैप में श्वेता जैन की करीबी बीजेपी नेता रेशु गिरफ्तार:अलका और श्वेता के साथ मिलकर रसूखदारों को निशाना बनाने की योजना बनाई














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