फीस बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस का शिक्षा विभाग दफ्तर घेराव:सरकारी स्कूलों की बढ़ी फीस वापस लेने की मांग




रायपुर में सरकारी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस ने बैरन बाजार स्थित शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए शिक्षा विभाग और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने किया। कांग्रेस नेताओं ने कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध जताया और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। “महंगाई के बीच फीस बढ़ाना गलत” कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पहले से महंगाई से परेशान जनता पर अब स्कूल फीस बढ़ाकर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उनका कहना है कि पेट्रोल-डीजल, गैस, बिजली और राशन की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार को फीस बढ़ाने की बजाय राहत देनी चाहिए थी। कांग्रेस का आरोप है कि शिक्षा विभाग ने हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर पर विभिन्न मदों में फीस बढ़ा दी है। खेलकूद, प्रायोगिक परीक्षा, लैब, स्काउट-गाइड और निजी परीक्षा शुल्क में भी वृद्धि की गई है। फीस माफी की मांग शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने मांग की कि इस साल सरकारी स्कूलों की पूरी फीस माफ की जाए, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कोरोना काल में फीस माफ की थी और स्वामी आत्मानंद स्कूल जैसे मॉडल शुरू किए थे। “शिक्षा व्यवस्था बदहाल” पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा ने शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ने का दावा करते हुए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिक्षा विभाग कार्यालय के बाहर धरना दिया और फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की।



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