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कानपुर के आर्य नगर स्थित प्राची बंग भवन परिषद में शनिवार को “कवि पक्ष” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संगीत, नृत्य और कविता पाठ के जरिए बंगाली संस्कृति की समृद्ध परंपरा को प्रस्तुत किया गया। आयोजन की शुरुआत धर्मार्थ चिकित्सा परामर्श सेवा के उद्घाटन से हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री नीलिमा कटियार और विशेष अतिथि के रूप में डॉ. प्रणव कर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कविगुरु रवीन्द्रनाथ ठाकुर सहित अन्य महान साहित्यकारों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। मंच संचालिका ने “कवि पक्ष” कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए साहित्य और संस्कृति के संरक्षण को आवश्यक बताया। इस दौरान वर्ष 2024 और 2025 में दिवंगत हुए साहित्यकार स्वर्गीय प्रफुल्ल राय और स्वर्गीय शंकर को भी श्रद्धांजलि दी गई। श्री बरेण सरकार ने दोनों साहित्यकारों के योगदान को याद करते हुए अपने विचार रखे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने रवीन्द्र संगीत, नजरुल गीति, लालन गीति, कविता पाठ और नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। कुमारी आराध्या घोष ने “मोर भावोनारे की हावाय मातालो” गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। श्रीमती अर्तृका भट्टाचार्य ने लालन गीति और रवीन्द्र संगीत सुनाया। वहीं श्री स्नेहान्सु घोष ने जीवनानंद दास की प्रसिद्ध कविता “आबार आसिब फिरे” का पाठ किया। श्रीमती अनुपमा सिंहराय ने नजरुल गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। श्री अशोक मुखोपाध्याय ने रजनीकांत सेन और काजी नजरुल इस्लाम के गीतों से माहौल को संगीतमय बना दिया। तबले पर श्री परेश भट्टाचार्य ने संगत दी। सुश्री अंबालिका गुप्ता ने “कोई कथा राखेनी” कविता का प्रभावशाली पाठ किया। कार्यक्रम के अंत में परिषद की नव-निर्वाचित सचिव डॉ. अनन्या दत्त ने सभी कलाकारों, अतिथियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में गौतम दत्ता, प्रबीर भट्टाचार्य, लीना बोस, शांता मुखर्जी, संजय मित्रा, मृदुल घोष बिस्वास और अमिताभ बासु सहित कई लोग मौजूद रहे।
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आर्य नगर के बंग भवन में सजा ‘कवि पक्ष’:कानपुर में गीत-संगीत और कविता पाठ से गूंजा सभागार, साहित्यकारों को दी श्रद्धांजलि















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