इंतेजामिया कमेटी ने विवादित स्थल के गेट की मरम्मत मांगी:ASI अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के स्टे का हवाला देकर आपत्ति जताई




संभल के विवादित धार्मिक स्थल शाही जामा मस्जिद बनाम श्री हरिहर मंदिर मामले में कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। सुनवाई से पहले, इंतेजामिया कमेटी ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को पत्र लिखकर मुख्य गेट की मरम्मत की मांग की है। हालांकि, एएसआई के अधिवक्ता ने इस मांग को अनुचित बताते हुए कहा कि मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्टे है, इसलिए कोई भी कार्य न्यायालय की अनुमति से ही होगा। यह विवादित धार्मिक स्थल संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी में स्थित है। 24 नवंबर 2024 की हिंसा के बाद से इस क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। इंतेजामिया कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट ने बताया कि शाही जामा मस्जिद का मुख्य गेट बेहद जर्जर हालत में है, जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है और जानमाल का नुकसान हो सकता है। उन्होंने एएसआई को पत्र भेजकर बरसात से पहले गेट की मरम्मत कराने की मांग की है। एडवोकेट जफर अली ने यह भी बताया कि मुख्य गेट के बराबर की दीवार भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई है। कमेटी ने अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए इस संबंध में रजिस्ट्री और ई-मेल भी भेजे हैं।
भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) के अधिवक्ता श्रीविष्णु शर्मा ने इंतेजामिया कमेटी की मांग को अनुचित बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में सभी कार्यवाही पर स्टे लगा हुआ है, इसलिए कोई भी मरम्मत कार्य बिना न्यायालय की अनुमति के नहीं किया जा सकता। अधिवक्ता शर्मा ने यह भी कहा कि बिल्डिंग खस्ता हालत में नहीं है; इसका सर्वे हो चुका है और रिपोर्ट न्यायालय में जमा की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि एएसआई अपनी संरक्षित इमारतों की समय-समय पर मरम्मत और रंगाई-पुताई कराता है, लेकिन इस विशेष मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्टे होने के कारण कोई भी कार्रवाई केवल न्यायालय के आदेश पर ही संभव होगी।
आपको बता दें कि 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष की ओर से संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट चंदौसी में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन शाम को पहले चरण का सर्वे हुआ और दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर 2024 को किया गया, इस दौरान हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सर्वे को बाधित करते हुए हिंसा भड़क गई, पुलिस पर पथराव-फायरिंग की गई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, चर्चित ASP अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर सहित 29 पुलिसकर्मी घायल हुए।

संभल कोतवाली एवं थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क एवं सपा विधायक इक़बाल महमूद के बेटे सुहैल इक़बाल सहित कई लोगों को नामजद करते 2750 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया, हालांकि चार्जशीट में साक्ष्यों के आधार पर विधायक पुत्र का नाम निकाल दिया गया।

जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट सहित 158 अभियुक्तों को जेल भेज चुकी है जिसमें 3 महिलाएं और संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता फरार गैंगस्टर शारिक साठा के तीन गुर्गे मुल्ला अफरोज, वारिस एवं गुलाम भी शामिल है, मुल्ला अफरोज पर NSA लगा है। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जफर अली को बीती 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया था, 24 मार्च को उन्हें जेल भेजा गया था और 131 दिन के बाद जेल से बाहर आए थे। आपको बता दे कि काफी अभियुक्त की जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट से हो चुकी है।



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