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बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के डॉक्टरों ने चापड़ हमले में गंभीर रूप से घायल महिला की जान बचाई है। तखतपुर निवासी उषा दिवाकर (45) पर 6 अप्रैल को जानलेवा हमला हुआ था, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई थी। गंभीर हालत में उषा दिवाकर को सिम्स अस्पताल लाया गया। जांच में पता चला कि चोट और संक्रमण के कारण उनके दाहिने फेफड़े के बाहर पस जमा हो गया था। संक्रमण बढ़ने से उन्हें सांस लेने में गंभीर तकलीफ हो रही थी। डॉक्टरों ने पाया कि मरीज का दाहिना फेफड़ा लगभग पूरी तरह संक्रमित हो चुका था और लगातार पस निकल रहा था। मरीज की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए, जनरल सर्जरी विभाग की टीम ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। जटिल सर्जरी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का योगदान सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ओपी राय के नेतृत्व में डॉ. विनोद ताम्रकार, डॉ. कमलेश प्रसाद देवांगन और डॉ. सुनील पात्रे की टीम ने यह जटिल सर्जरी की। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति के मार्गदर्शन में डॉ. सुनीता जायसवाल, डॉ. नेहा दुबे और डॉ. शीतल दास ताम्रकार ने ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑपरेशन के बाद ICU में गहन निगरानी और उपचार ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने फेफड़े के बाहर जमा पस को सफलतापूर्वक निकाला और संक्रमित हिस्से का उपचार किया। इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज को पोस्ट-ऑप आईसीयू में डॉ. मधुमिता मूर्ति और उनकी टीम की देखरेख में रखा गया। करीब 15 दिनों तक उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर उपचार किया गया। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की लगातार निगरानी और देखभाल से मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। अब उषा दिवाकर स्वस्थ होकर घर लौट गई हैं। समय पर निर्णय और आधुनिक उपचार से मरीज को मिला नया जीवन सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि समय पर सही निर्णय, आधुनिक उपचार पद्धति और चिकित्सकों की सतर्कता के कारण मरीज को नया जीवन मिल सका। उन्होंने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि सिम्स आमजन को बेहतर एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सामूहिक प्रयासों से मिली बड़ी चिकित्सकीय सफलता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि यह सफलता सिम्स के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि गंभीर अवस्था में पहुंचे मरीज का सफल उपचार यह दर्शाता है कि सिम्स में अब जटिल सर्जरी और आपातकालीन सेवाओं के क्षेत्र में भी लगातार बेहतर कार्य किया जा रहा है।
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चापड़ हमले में घायल महिला की जान बची:सिम्स में फेफड़े के संक्रमण का ऑपरेशन सफल, सांस लेने में हो रही थी तकलीफ














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