छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक-टू-व्हीलर की डिमांड 20-30% बढ़ी:हफ्तेभर में ₹105 तक पहुंचे पेट्रोल के दाम, जानिए EV कितने फायदेमंद, कितनी मिलेगी सब्सिडी




अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। भारत में पेट्रोल की कीमतों पर असर भी साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल के लगातार महंगे होने से लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की खरीदारी में इजाफा हुआ है। ऑटोमोबाइल कारोबारियों के मुताबिक पिछले कुछ हफ्तों में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग में करीब 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। खासकर शहरों में रोजाना आने-जाने वाले लोग अब पेट्रोल का खर्च बचाने के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारों को बेहतर ऑप्शन मान रहे हैं। रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई शहरों में पेट्रोल के दाम 105 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गए हैं। इसका सीधा असर मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट पर पड़ रहा है। रोजाना 30 से 50 किलोमीटर तक सफर करने वाले लोगों का कहना है कि अब पेट्रोल वाहन चलाना पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। इस रिपोर्ट में पढ़िए ईवी कितनी फायदेमंद है और कितनी सब्सिडी मिल रही है… पहले देखिए ये तस्वीरें- क्यों बढ़ रही इलेक्ट्रिक व्हीकल की मांग ऑटो मोबाइल एक्सपर्ट मुकेश कौशल का कहना है कि सरकार की तरफ से मिल रही सब्सिडी, टैक्स में राहत और चार्जिंग स्टेशन बढ़ने से भी EV बाजार को काफी बढ़ावा मिला है। अब कई कंपनियां लंबी रेंज वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर और कार लॉन्च कर रही हैं, जिससे लोगों का भरोसा भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पहले लोग बैटरी और दूरी को लेकर इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर भरोसा कम करते थे, लेकिन अब बाजार में 150 से 500 किलोमीटर तक चलने वाले वाहन उपलब्ध हैं। तेजी से बढ़ रहा इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ट्रेंड छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदेश में अब तक करीब 1 लाख 80 हजार से ज्यादा ईवी वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। वहीं पूरे राज्य में 270 से ज्यादा पब्लिक चार्जिंग स्टेशन चल रहे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में हैं। रायपुर में अभी ईवी चार्जिंग का रेट करीब 18 रुपए प्रति यूनिट है। सरकार आने वाले समय में 1000 नए चार्जिंग स्टेशन शुरू करने की तैयारी में है। इसके अलावा 60 हजार से ज्यादा वाहन मालिकों को करीब 125 करोड़ रुपए की सब्सिडी भी दी जा चुकी है। EV नीति के तहत मिल रही कई छूट राज्य सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत ईवी खरीदने वालों को गाड़ी की कीमत का 10 प्रतिशत या ज्यादा से ज्यादा 1 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों पर लाइफ टाइम टैक्स में भी 50 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है। सरकार का कहना है कि जैसे-जैसे चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ेगा, लोगों का भरोसा भी ईवी पर मजबूत होगा। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ने के साथ चार्जिंग का खर्च भी कम होने की उम्मीद है। पेट्रोल गाड़ियों से कैसे बेहतर हैं इलेक्ट्रिक वाहन इलेक्ट्रिक व्हीकल के डीलर हेमंत गोयल ने बताया कि मेंटेनेंस के मामले में भी इलेक्ट्रिक वाहन आगे हैं। पेट्रोल गाड़ियों में इंजन ऑयल, क्लच, गियर और कई मैकेनिकल पार्ट्स की नियमित सर्विसिंग करनी पड़ती है। वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों में पार्ट्स कम होते हैं, जिससे मेंटेनेंस खर्च भी कम आता है। इलेक्ट्रिक वाहन चलाने में आवाज भी कम होती है। इससे ध्वनि प्रदूषण कम होता है और ड्राइविंग अनुभव भी स्मूद रहता है। खासकर ट्रैफिक वाले शहरों में लोग शांत और आसान ड्राइविंग के कारण EV पसंद कर रहे हैं। कंपनियों का इलेक्ट्रिक मॉडल पर फोकस कई बड़ी कंपनियां पूरी तरह इलेक्ट्रिक मॉडल पर फोकस कर रही हैं। देश में चार्जिंग स्टेशन की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। मॉल, ऑफिस, पेट्रोल पंप और हाइवे पर चार्जिंग पॉइंट बनाए जा रहे हैं। डिलीवरी कंपनियां और कैब सेवाएं भी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहन अपना रही हैं। इससे बाजार में EV की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ी है। एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाले पांच से दस वर्षों में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी कई गुना बढ़ सकती है। क्या पूरी तरह EV पर निर्भर होना आसान है एक्सपर्ट का मानना है कि फिलहाल भारत में पेट्रोल और इलेक्ट्रिक वाहन दोनों का संतुलन बना रहेगा। शहरों में रोजाना उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक वाहन बेहतर विकल्प बनते जा रहे हैं, लेकिन लंबी दूरी और ग्रामीण इलाकों में अभी पेट्रोल और डीजल वाहन ज्यादा सुविधाजनक माने जाते हैं। आने वाले समय में बैटरी तकनीक और चार्जिंग नेटवर्क बेहतर होने के साथ EV बाजार और तेजी से बढ़ सकता है। ……………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… एशिया-अफ्रीका में ईवी की मांग तेज: चीन में हर दस में से एक कार ईवी, भारत में टू और थ्री व्हीलर सेगमेंट में 25% का उछाल ईरान युद्ध के बाद पेट्रोल, डीजल और गैस के ‎‎दामों में बढ़ोतरी के कारण कई देशों में इलेक्ट्रिक ‎वाहनों (ईवी) की मांग तेजी से बढ़ी है। एशिया‎ के अधिकतर देशों, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका‎ में पिछले साल की तुलना में इस साल मार्च में‎ ईवी की बिक्री में 79 प्रतिशत उछाल आया है।‎ पूरी खबर पढ़ें…



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