![]()
झाबुआ जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई गई एक भ्रामक मुहिम का पर्दाफाश हुआ है। ‘मंसूर उस्ताद’ के नाम से बालों की समस्याओं और गंजेपन के इलाज का दावा करने वाले दो युवकों ने फर्जी हेयर ट्रीटमेंट कैंप लगाया था। इस कैंप में झाबुआ और आलीराजपुर से 100 से अधिक लोग पहुंचे थे। यह कैंप झाबुआ के रानापुर रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के पास लगाया गया था। युवकों ने स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स के जरिए प्रचार करवाकर लोगों को आकर्षित किया और प्रत्येक व्यक्ति से 700 रुपये की टोकन राशि वसूली। इलाज के लिए आए लोगों ने जब इन तथाकथित विशेषज्ञों से वैध दस्तावेजों और चिकित्सा प्रमाण पत्रों की मांग की, तो वे कोई ठोस जानकारी नहीं दे पाए। इस पर वहां मौजूद युवाओं ने हंगामा शुरू कर दिया और दोनों युवकों को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर जिला पंचायत सदस्य विजय भाभर भी थाने पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर इस ठगी का विरोध जताया। पुलिस ने सरकारी अस्पताल से डॉक्टरों को बुलाया, जिन्होंने पुष्टि की कि इस प्रकार के इलाज का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। पूछताछ में युवकों ने अपनी पहचान मंसूर पिता जनावत अली, निवासी हसनाबाद हातोद (इंदौर) और सोहेल खान पिता शफी खान, निवासी अंतरा (धार) के रूप में बताई। पुलिस ने कैंप के दौरान वसूले गए 20 हजार रुपये से अधिक की राशि वापस करवाई। पीड़ित मांगीलाल पाटीदार के अनुसार, इन कैंपों में एक नाई के माध्यम से सिर पर उस्तरा चलवाया जाता है और फिर कुछ दवाइयां लगाने का ढोंग किया जाता है। ये लोग आसपास ही अपने सहयोगियों के जरिए महंगे दामों पर संबंधित उत्पाद जैसे ‘राउंड कंधे’ और कैप भी बेचते हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने जब उनके सोशल मीडिया नंबर पर संपर्क किया, तो उन्होंने अगले कैंप की जानकारी के लिए इंस्टाग्राम अकाउंट फॉलो करने की सलाह दी। फिलहाल, पुलिस ने इन लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया है।
Source link
झाबुआ में फर्जी हेयर ट्रीटमेंट कैंप का खुलासा:सोशल मीडिया के जरिए जुटाई भीड़, पुलिस ने रुपए वापस करवाए














Leave a Reply