टीएस-सिंहदेव ने पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि पर केंद्र को घेरा:कोरबा में बोले-चुनाव बाद सरकार ने जनता को लूटना शुरू किया, विदेश नीति पर उठाए सवाल




छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने सोमवार को कोरबा में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही सरकार ने जनता को लूटना शुरू कर दिया है और महंगाई पर नियंत्रण के लिए उसके पास कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। कोरबा दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में सिंहदेव ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव तक सब कुछ सामान्य था। लेकिन चुनाव खत्म होते ही डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धीरे-धीरे महंगाई बढ़ाकर लोगों पर बोझ डाल रही है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार लगातार कहती रही कि देश में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन आने वाले समय के लिए कोई तैयारी नहीं की गई। पेट्रोल-डीजल कीमतों को लेकर सरकार पर साधा निशाना सिंहदेव ने केंद्र की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार ने अमेरिका के दबाव में आकर दो तेल उत्पादक देशों से कच्चा तेल लेना बंद कर दिया। इससे अन्य देशों से संबंध खराब हुए और अब जब डीजल-पेट्रोल की कमी हो रही है, तो कीमतें बढ़ाकर जनता पर बोझ डाला जा रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। सच्चाई यह है कि सरकार ने समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की, जिसका खामियाजा आम आदमी भुगत रहा है। परिवहन महंगा होने से हर सामान के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार को तत्काल पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए, ताकि पूरे देश में एक समान दर हो और जनता को राहत मिल सके। सिंहदेव ने कहा कि सरकार की मंशा राहत देने की नहीं है और चुनावी वादों के बाद उसका असली चेहरा सामने आ गया है, जिसमें जनता को लूटने का काम शुरू हो चुका है। इस दौरान पूर्व राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने केंद्र की नीतियों का विरोध करते हुए पेट्रोल-डीजल की कीमतें वापस लेने की मांग की।



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