डीएम बोले- बरेली में बिजली के हालात बेहद खराब:डीएम अविनाश सिंह की बिजली अधिकारियों को दोटूक- बरेली की जनता बहुत सीधी, पूर्वांचल भेज दिया जाए तो क्या होगा




बिजली संकट पर बरेली के सर्किट हाउस में हुई हाईलेवल बैठक में डीएम अविनाश सिंह ने भी इस बात को स्वीकार किया किया बिजली विभाग के अफसर बेलगाम हो गए है। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बिजली विभाग के आला अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों द्वारा उठाए गए सवाल बिल्कुल सही हैं। बरेली में इस समय बिजली के हालात बेहद खराब हो चुके हैं। अघोषित और अंधाधुंध कटौती ने जनता का जीना मुहाल कर दिया है, जिसे प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार महसूस किया जा रहा है। फोन उठाने मात्र से हल हो सकती है आधी समस्या
डीएम ने कड़े लहजे में कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों में ‘फोन न उठाने की बीमारी’ सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुकी है। रात-रात भर परेशान होकर जनता और जनप्रतिनिधि नौ-नौ, दस-दस बार फोन करते हैं, लेकिन अफसरों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। अगर अधिकारी समय रहते फोन उठा लें और सही वस्तुस्थिति बता दें, तो जनता को तसल्ली हो जाए और आधी समस्या वहीं खत्म हो जाए। अफसरों को अपनी यह आदत बदलनी होगी। कर्मचारियों के व्यवहार में संवेदनशीलता की भारी कमी
बैठक में निचले स्तर के कर्मचारियों और अधिकारियों के जनता के प्रति खराब व्यवहार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। डीएम ने बताया कि कुछ दिनों पहले ही चीफ इंजीनियर के साथ बैठक कर ग्रामीण स्तर तक के जेई और एसडीओ को तलब किया गया था। उन्होंने साफ कहा कि बिजली विभाग सीधे जनता से जुड़ा है। यदि नीचे काम करने वाले स्टाफ में जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही नहीं होगी, तो अव्यवस्था फैलना तय है। लापरवाह अफसर बरेली से बाहर भेजे गए, आगे भी होगी सख्त कार्रवाई
लापरवाही बरतने वालों को चेतावनी देते हुए डीएम ने खुलासा किया कि चीफ इंजीनियर द्वारा दी गई सूची के आधार पर कई लापरवाह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बरेली से हटाकर बाहर भेजा जा चुका है। उन्होंने सचेत किया कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाएगा, उसके खिलाफ आगे भी इससे ज्यादा कठोर कार्रवाई की जाएगी। सीधे लोगों के जिले में काम नहीं संभाल पा रहे, तो कठिन जिलों में क्या होगा?
डीएम अविनाश सिंह ने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि बरेली जैसे शांत जिले की पब्लिक बेहद शालीन और सहयोगी है। हमारे जनप्रतिनिधि भी बहुत शालीनता से अपनी बात रखते हैं। अफसरों को इस शालीनता का सम्मान करना चाहिए। अगर अफसर बरेली जैसे अच्छे जिले में भी काम नहीं संभाल पा रहे हैं, तो वे उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में कैसे व्यवस्था संभालेंगे? अगर ऐसे लापरवाह अफसरों को पूर्वांचल या किसी अन्य कठिन जिले में भेज दिया जाए, तो उनकी क्या स्थिति होगी? जनसुनवाई के लिए प्रतिदिन उपलब्ध रहेंगे जिलाधिकारी
मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए डीएम ने स्पष्ट किया कि वे प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई के लिए निश्चित रूप से उपलब्ध रहते हैं। आम जनता या जनप्रतिनिधि बिजली संकट या किसी भी अन्य समस्या को लेकर सीधे उनसे मिल सकते हैं, प्रशासन मुस्तैदी के साथ उनकी हर जायज समस्या का समाधान कराएगा।



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