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उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय चौधरी को अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय (एबीवीएमयू), लखनऊ की बेहद खास और हाई-प्रोफाइल कमेटी में जगह मिली है। डॉक्टर चौधरी अब प्रदेश के सभी 67 मेडिकल कॉलेजों की शैक्षणिक गतिविधियों और उनके बीच बेहतर तालमेल (कोऑर्डिनेशन) बनाने का जिम्मा संभालेंगे। डॉ. धनंजय चौधरी के इस बड़ी जिम्मेदारी में आने से यूपी में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, मनोरोग शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है। दो महत्वपूर्ण कमेटियों में मिली जगह लखनऊ में आयोजित एबीवीएमयू की शैक्षणिक परिषद (अकैडमिक काउंसिल) की बैठक में डॉ. धनंजय चौधरी के नाम पर मुहर लगी। उन्हें मनोरोग विषय की ‘कोर कमेटी’ का सदस्य चुना गया है। इसके अलावा, चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने वाली ‘मेडिकल रिसर्च काउंसिल’ में भी उन्हें बतौर सदस्य शामिल किया गया है। ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में हुई बैठक यह फैसला विश्वविद्यालय के कुलपति की मौजूदगी में आयोजित एक हाइब्रिड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) बैठक में लिया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में चिकित्सा जगत के कुल 38 नामचीन विशेषज्ञ और सदस्य शामिल हुए। बैठक के दौरान प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के स्तर को सुधारने, नए अनुसंधानों को बढ़ावा देने और दूरगामी फैसलों पर विस्तार से चर्चा की गई। आम जनता को क्या होगा फायदा? इस नियुक्ति के बाद माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य का पूरा ढांचा बदलेगा। बेहतर इलाज: आम जनता के लिए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से कहीं अधिक मजबूत और असरदार बनाया जाएगा। रिसर्च को बढ़ावा: मनोरोग के क्षेत्र में नई रिसर्च और पढ़ाई के तरीकों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। एक जैसा सिलेबस: प्रदेश के सभी 67 मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई और गतिविधियों को एक समान और बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। क्या बोले डॉ. धनंजय चौधरी? इन महत्वपूर्ण कमेटियों में शामिल होना एक बड़ी जिम्मेदारी है। हमारा पूरा फोकस इस बात पर रहेगा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में मनोरोग शिक्षा और अनुसंधान का स्तर बेहतर हो, ताकि समाज के हर वर्ग को सही और समय पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
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डॉ. धनंजय चौधरी 67 मेडिकल कॉलेजों का समन्वय करेंगे:एबीवीएमयू की कोर कमेटी में शामिल, मानसिक स्वास्थ्य ढांचे में सुधार की उम्मीद















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