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दुर्ग शहर में सोमवार को नगर निगम कार्यालय के बाहर राजनीतिक माहौल गरमा गया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने नगर निगम का घेराव किया। इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। निगम कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल, अधिकारी और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। प्रदर्शन में पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राकेश ठाकुर, पूर्व विधायक अरुण वोरा समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निगम गेट पर ही रोक दिया। नगर निगम आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने शहर की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दुर्ग शहर के 60 वार्डों में आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, लेकिन निगम प्रशासन और सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ज्ञापन में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले लगभग छह महीनों से हितग्राहियों को पेंशन नहीं मिली है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोग परेशान हैं। इसके साथ ही शहर में गहराते जल संकट को भी बड़ा मुद्दा बनाया गया। कांग्रेस का कहना है कि कई वार्डों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, जबकि जहां पानी मिल रहा है वहां लो-प्रेशर और दूषित पानी की समस्या बनी हुई है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर भी निगम प्रशासन पर हमला बोला। आरोप लगाया गया कि नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कचरा प्रबंधन को लेकर भी कांग्रेस ने घेरा कचरा प्रबंधन को लेकर भी कांग्रेस ने निगम को घेरा। नेताओं ने कहा कि शहर में समय पर कचरा नहीं उठाया जा रहा और कई जगहों पर गंदगी और दुर्गंध से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। रविशंकर स्टेडियम और धमधा नाका ओवरब्रिज के आसपास की स्थिति को विशेष रूप से गंभीर बताया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कचरे को खुले में जलाया जा रहा है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। स्ट्रीट लाइट और प्रधानमंत्री आवास का मुद्दा भी उठा ज्ञापन में शहर के वार्डों में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा भी शामिल किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कई वार्ड अंधेरे में डूबे हुए हैं और निगम प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाए गए आवासों में मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप भी लगाया गया। कांग्रेस का कहना है कि कई जगहों पर पानी, बिजली, सड़क और शौचालय जैसी सुविधाएं नहीं हैं, जिससे रहवासियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। टेंडर और तालाब गहरीकरण में भ्रष्टाचार के आरोप कांग्रेस ने नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितता का आरोप लगाया। ज्ञापन में कहा गया कि SOR रेट से अधिक के टेंडरों को निरस्त किया जाए ताकि निगम को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। इसके साथ ही शक्तिनगर तालाब गहरीकरण कार्य में भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। धीरज बाकलीवाल- निगम पूरी तरह फेल प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज बनकर सड़कों पर उतरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छह महीने से पेंशन बंद है, पानी की भारी समस्या है, स्ट्रीट लाइटें बंद हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवासों में सुविधाएं नहीं हैं और कचरा प्रबंधन पूरी तरह फेल हो गया है। बाकलीवाल ने कहा कि “नगर निगम पूरी तरह असफल साबित हुआ है और जनता त्रस्त है।” भाजपा सरकार पर अरुण वोरा का बड़ा हमला पूर्व विधायक अरुण वोरा ने प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई साल में प्रदेश की स्थिति खराब हो गई है और सरकार जनता की समस्याओं से पूरी तरह कट चुकी है। वोरा ने कहा कि कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है और अब जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों, राशन दुकानों की स्थिति, जल संकट और सफाई व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि “जनता ने जिस विश्वास से भाजपा को चुना था, उस भरोसे पर सरकार खरी नहीं उतरी। सरकार कुंभकरण की नींद में सोई हुई है।” महापौर और अधिकारियों की खींचतान पर भी बोले वोरा पूर्व विधायक अरुण वोरा ने नगर निगम में महापौर और अधिकारियों के बीच चल रही खींचतान को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तालमेल जरूरी है। वोरा ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में तालमेल के साथ 600 करोड़ रुपए के विकास कार्य हुए थे, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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दुर्ग में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, निगम कार्यालय पर बैरिकेडिंग:60 वार्डों में पानी, सफाई की समस्याओं के साथ भ्रष्टाचार पर निगम को घेरा















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