नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की हाईकोर्ट ने दी अनुमति:22 सप्ताह का था गर्भ, KGMU को दिया सुरक्षित प्रक्रिया का आदेश




इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 15 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को 22 सप्ताह का गर्भ गिराने की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) स्थित गांधी मेमोरियल एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सुरक्षित तरीके से गर्भपात सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि भ्रूण को सुरक्षित रखा जाए। इसका उद्देश्य बाद में डीएनए जांच के जरिए आरोपी के खिलाफ साक्ष्य जुटाना है। यह आदेश न्यायमूर्ति रजनीश कुमार और न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने पारित किया। हरदोई की इस 15 वर्षीय पीड़िता की ओर से उसके पिता ने याचिका दाखिल की थी। पीड़िता के पिता ने हाईकोर्ट में बताया कि उनकी बेटी दुराचार की शिकार हुई है। वह अनचाहे गर्भ के कारण गंभीर मानसिक पीड़ा झेल रही है। पिछली सुनवाई में न्यायालय ने मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में बताया गया कि लड़की 22 सप्ताह और दो दिन की गर्भवती है। डॉक्टरों ने कहा कि गर्भपात संभव है, हालांकि हर मेडिकल प्रक्रिया में कुछ जोखिम रहते हैं। रिपोर्ट देखने के बाद न्यायालय ने हरदोई के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि पीड़िता को 20 मई को एम्बुलेंस से केजीएमयू भेजा जाए। वहां एक-दो दिन के भीतर गर्भपात की प्रक्रिया पूरी कराई जाए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *