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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव अशोक बर्णवाल सहित चार अधिकारियों के खिलाफ 10-10 हजार रुपए के जमानती वारंट जारी किए हैं। मामला एक विधवा महिला को पिछले सात साल से फैमिली पेंशन के लिए भटकाने से जुड़ा है। इस मामले में बुधवार को फिर सुनवाई होगी। कोर्ट ने प्रमुख सचिव अशोक बर्णवाल के अलावा स्वास्थ्य आयुक्त, ग्वालियर के सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव और जिला पेंशन अधिकारी को जमानती वारंट जारी कर तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि पेंशन जैसे संवेदनशील मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। याचिकाकर्ता शीला त्रिपाठी के पति वर्ष 2014 में मेडिकल ऑफिसर पद से रिटायर हुए थे। 2 जुलाई 2017 को उनके निधन के बाद नियमानुसार मिलने वाली फैमिली पेंशन और अन्य लाभों के लिए शीला त्रिपाठी लगातार विभाग के चक्कर काट रही हैं। समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने 2019 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बावजूद सात साल बाद भी मामला लंबित है। कोर्ट बोला- सात साल में जवाब तक नहीं दिया सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि 26 फरवरी 2019 को पहली बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अब तक जवाब पेश नहीं किया। कोर्ट ने इसे विभाग की बेहद लचर और गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली बताया। 5 मार्च 2026 की पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि जवाब पेश नहीं किया गया तो अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। इसके बावजूद न तो जवाब पेश किया गया और न ही अधिकारी कोर्ट पहुंचे। पीएचई प्रमुख सचिव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट इसी तरह लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचई) के प्रमुख सचिव के खिलाफ भी हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने अदालत के आदेश का पालन नहीं करने और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने पर गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश मोहिनी जैन द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। सुनवाई में पीएचई के मुख्य अभियंता वीके छारी उपस्थित हुए थे। सरकारी वकील ने दो सप्ताह का समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने पाया कि प्रमुख सचिव ने न तो खुद पेश होने की जहमत उठाई और न ही अनुपस्थिति की छूट के लिए आवेदन दिया।
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पीएस हेल्थ अशोक बर्णवाल सहित 4 अफसरों के खिलाफ वारंट:फैमिली पेंशन मामले में 7 साल बाद भी नहीं मिला जवाब, सुनवाई आज














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