भीषण गर्मी की चपेट में MP…4 दिन हीटवेव का अलर्ट:नौगांव में पारा 47°C, 22 शहरों में 44° पार; आज वॉर्म नाइट की चेतावनी




मध्य प्रदेश में सूरज जैसे आग उगल रहा है। दिन में भीषण गर्मी पड़ रही है तो लू के थपेड़ों का सितम भी है। मंगलवार को छतरपुर के 2 शहर- खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म रहे। नौगांव में तापमान रिकॉर्ड 47 डिग्री और खजुराहो में 46.4 डिग्री रहा। सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 47 डिग्री पर पहुंचा। IMD (मौसम केंद्र) ने अगले 4 दिन हीटवेव यानी, लू की चेतावनी जारी की है। प्रदेश के 22 शहरों में मंगलवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार रहा। नौगांव और खजुराहो के बाद तीसरा सबसे गर्म शहर दतिया रहा। यहां तापमान 45.8 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 45.6 डिग्री, दमोह में 45.5 डिग्री, शाजापुर, टीकमगढ़, गुना-सागर में 45.2 डिग्री, सतना में 45.1 डिग्री, मुरैना, शहडोल, रायसेन, रीवा-श्योपुर में 45 डिग्री, मंडला में 44.6 डिग्री, उमरिया में 44.5 डिग्री, खरगोन में 44.4 डिग्री, रतलाम में 44.2 डिग्री और खंडवा में 44.1 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सीजन में पहली बार तापमान 45 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 44.2 डिग्री, इंदौर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 43.8 डिग्री और जबलपुर में 44.6 डिग्री रहा। भोपाल में सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। एयरपोर्ट ऑब्जर्वेटरी में दिन का तापमान 44.2 डिग्री रहा, जबकि नए शहर के अरेरा हिल्स ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। इसके साथ ही नए भोपाल में सीजन की पहली लू चली। भोपाल में रात का तापमान भी पहली बार 30 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक-अगले तीन दिन तीखी गर्मी पड़ने के आसार हैं। वहीं पूरे प्रदेश में लू का अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को सतना और टीकमगढ़ में तेज गर्मी और लू जैसे हालात के बीच दो लोगों की मौत हो गई। दोनों को हीट स्ट्रोक यानी लू लगने की आशंका जताई गई। प्रदेश में मंगलवार को गर्मी की तस्वीरें… उत्तरी हिस्से में आज तीव्र लू का अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के उत्तरी हिस्से के जिले- भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, रायसेन और रतलाम में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, खरगोन, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, मंडला, शहडोल और मैहर में लू चलेगी। वहीं, राजगढ़, रायसेन, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट और छिंदवाड़ा में वॉर्म नाइट यानी, रात का तापमान अधिक रहेगा। बैतूल, पांढुर्णा, सिवनी और अनूपपुर में भी गर्मी का दौर बना रहेगा। चेतावनी- दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर न निकलें
प्रदेश में पिछले 2 दिन से भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में मौसम विभाग ने दोपहर में घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने कहा कि दोपहर 12 से 3 बजे तक ज्यादा असर रहेगा। ऐसे में लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले। मई के 19 में से 15 दिन गिरा पानी
मध्य प्रदेश में 30 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था। लगातार 11 दिन यानी 10 मई तक प्रदेश में बारिश हुई। कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखने को मिला तो कभी चक्रवात और टर्फ का। इस वजह से मई के पहले सप्ताह में बारिश हुई। 11 मई को आंधी-बारिश का दौर थमा। लेकिन 12 से 18 मई तक लगातार प्रदेश के किसी न किसी हिस्से में आंधी-बारिश या ओलावृष्टि का दौर बना रहा। इस तरह मई के 19 में से 14 दिन आंधी, बारिश या ओलावृष्टि का असर रहा। मौसम विभाग ने बुधवार को कहीं भी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… पर्याप्त पानी पीएं, ज्यादा देर धूप में न रहें
गर्मी बढ़ने पर मौसम विभाग ने बचाव की एडवाइजरी जारी की है। लोगों से दिनभर पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की गई है। कहा गया है कि दोपहर में ज्यादा देर धूप में न रहें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। दोपहर 12 से 3 बजे तक तेज गर्मी पड़ती है। इस दौरान जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड भोपाल में गर्मी के साथ बारिश का भी दौर
भोपाल में मई में तेज गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड भी रहा है। यहां 2016 में तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 2014 से 2023 तक हर साल मई में बारिश दर्ज की गई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है। इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी
इंदौर में मई में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को यहां रिकॉर्ड 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मई में मौसम बदलने के साथ बादल और बौछारें भी होती हैं। पिछले साल करीब 3 इंच बारिश हुई थी। 2014 से 2023 के बीच 9 बार मई में बारिश हुई। ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा
ग्वालियर में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां तापमान एक बार 47 डिग्री और तीन बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को यहां रिकॉर्ड 48.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मौसम में बदलाव के कारण मई में ग्वालियर में बारिश भी होती है। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। 2023 में भी यहां ढाई इंच पानी गिरा था। जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान
जबलपुर में 25 मई 1954 को तापमान रिकॉर्ड 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 10 साल में तीन बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया है। मई में यहां बारिश का ट्रेंड भी रहा है। 2014 से 2023 तक हर साल इस महीने बारिश हुई। 2021 की मई में 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी, जबकि पिछले साल करीब 2 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में मई में गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को यहां तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया। हालांकि, पिछले साल तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं पहुंचा। मई में यहां बारिश भी होती है। पिछले साल करीब पौन इंच पानी गिरा था। गर्मी के मौसम में अपनी सेहत का ध्यान रखने के लिए इन खबरों को जरूर पढ़ें… 1. जरूरत की खबर- डॉक्टर से जानें समर हाइड्रेशन से लेकर हाइजीन तक के बेस्ट टिप्स गर्मियों में लोग कई ऐसी छोटी-छोटी गलतियां करते हैं, जो सेहत पर बड़ा असर डालती हैं। बहुत ठंडा पानी पीना, कम पानी पीना, धूप में बिना तैयारी निकलना, ये गलतियां तुरंत असर नहीं दिखातीं। लेकिन डिहाइड्रेशन, थकान, स्किन प्रॉब्लम्स और पाचन संबंधी दिक्कतों का कारण बन सकती हैं। पढ़ें पूरी खबर… 2. फिजिकल हेल्थ- हीट एडेमा क्या है:गर्मियों में बढ़ते केस, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण गर्मियों में कई बार हाथ-पैर में सूजन हो जाती है। ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, यह ‘हीट एडेमा’ का संकेत हो सकता है। दरअसल गर्मी बढ़ने पर शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए कई बदलाव करता है, जिनका असर ब्लड वेसल्स और फ्लूइड बैलेंस पर पड़ता है। पढ़ें पूरी खबर…



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