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इंदौर में मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट का काम अब रफ्तार पकड़ने वाला है। सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक सीएमआरएस से हरी झंडी मिलने के बाद अब टनल निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए 20 मीटर गहराई में खुदाई करने वाली 4 टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) जल्द ही इंदौर पहुंचेंगी, जिनके अहम हिस्से जर्मनी में बने हैं और थाईलैंड में असेंबल किए जा रहे हैं। इंदौर की मिट्टी और यहां की स्थिति के अनुसार बनी है स्पेशल मशीन
शहर के मध्य भाग में मेट्रो का बड़ा अंडरग्राउंड रूट गुजरेगा, जहां 100-100 साल पुराने मकान बने हुए हैं। टनल की खुदाई से इन्हें कोई नुकसान न पहुंचे, इसके लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है। इंदौर की मिट्टी (हार्ड रॉक, सॉफ्ट सॉइल और मुरम) को देखते हुए खास ‘मिक्स लेयर’ खुदाई वाली मशीन के मानक तय किए गए हैं। हाल ही में मेट्रो कॉर्पोरेशन, कॉन्ट्रैक्टर और कंसल्टेंट के अधिकारियों ने जर्मनी और थाईलैंड जाकर पूरी मशीन का अंतिम निरीक्षण किया। एयरपोर्ट और निगम से शुरू होगा काम
जुलाई महीने से टनल खुदाई का काम शुरू करने की तैयारी है। कुल 4 मशीनें इंदौर आएंगी जो एयरपोर्ट और नगर निगम की तरफ से ट्रैक और स्टेशन का काम शुरू करेंगी। यह मशीनें जमीन से करीब 20 मीटर नीचे उतरकर टनल खोदेंगी। वहीं, छोटा गणपति स्टेशन का निर्माण ‘नेटाम’ पद्धति से किया जा रहा है और फिलहाल यहां खुदाई का काम जारी है। शहीद पार्क से खजराना तक ट्रैक और स्टेशन आकार लेने लगे
विवाद के कारण खजराना के आगे के रूट में बदलाव किया गया है। पहले एमजी रोड ट्रेजर मॉल तक एलिवेटेड रूट बनना था, लेकिन अब मेट्रो खजराना के बाद से अंडरग्राउंड रहेगी। इस बदलाव के चलते टेंडर को रिवाइज करने का काम शुरू हो गया है। फिलहाल, शहीद पार्क से खजराना स्टेशन तक ट्रैक और स्टेशन आकार लेने लगे हैं। पीएमओ की मंजूरी मिलते ही रेडिसन तक संचालन
शहर में मेट्रो के रिंग रूट का काम रेडिसन तक पूरा हो चुका है। गांधी नगर से रेडिसन तक 17 किमी के इस ट्रैक पर मेट्रो का ट्रायल रन लगातार जारी है। हालांकि, इसे आम जनता के लिए रेडिसन तक चलाने के लिए अभी प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम स्वीकृति का इंतजार है।
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मेट्रो:100 साल पुराने मकानों के नीचे टनल बनाने जर्मनी-थाईलैंड से आएंगी 4 मशीनें















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