मैहर में नकली उर्वरक पैकिंग पर विक्रेता पर FIR:लाइसेंस खत्म होने के बाद भी चल रहा था कारोबार; कई खाली बैग भी बरामद




मैहर जिले में नकली उर्वरक के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। रामनगर स्थित मे. केशरवानी ट्रेडर्स पर नकली उर्वरक की पैकिंग के आरोप में रविवार को एफआईआर दर्ज की गई है। मौके से कई खाली बैग भी बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई शनिवार शाम को नकली उर्वरक पैकिंग की शिकायत मिलने के बाद की गई। कलेक्टर मैहर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने राजस्व और पुलिस विभाग के सहयोग से जांच की। जांच टीम में उर्वरक निरीक्षक अमित पाण्डेय और प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी संजय सिंह शामिल रहे। जांच में बिना सिलाई वाले भरे बैग मिले जांच के दौरान प्रतिष्ठान के प्रोप्राइटर प्रिंस गुप्ता मौके पर मौजूद नहीं थे। निरीक्षण में दुकान में ‘मृदा कल्प LUSH पोटाश डेराइव्स’ के 8 बिना सिलाई वाले भरे बैग मिले। साथ ही, लगभग 20 बैग ’17’ का खुला ढेर भी मौजूद था। इसके अतिरिक्त, भारत डीएपी (HURL) के 8 खाली बैग और भारत एनपीके 20:20:0:13 (PPL) के 12 खाली बैग भी पाए गए। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि केशरवानी ट्रेडर्स की उर्वरक अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) की वैधता समाप्त हो चुकी थी, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 का उल्लंघन है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए, प्रिंस गुप्ता के खिलाफ रविवार को थाना रामनगर में एफआईआर दर्ज कराई गई है। किसानों से उर्वरक खरीदने में ध्यान देने की अपील प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी आवश्यकतानुसार उर्वरक केवल ई-विकास पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कराकर ही प्राप्त करें। किसानों को बिना ई-विकास प्रणाली के उर्वरक खरीदने से बचने की सलाह दी गई है। सभी उर्वरक विक्रेताओं को भी निर्देशित किया गया है कि वे ई-विकास प्रणाली के नियमों का पालन करते हुए ही उर्वरक का विक्रय करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।



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