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मोहन बड़ोदिया में नलजल योजना की व्यवस्था चरमरा गई है। यहां के निवासियों को 6 से 7 दिनों में एक बार पानी मिल रहा है, जो पीने योग्य भी नहीं है। ग्रामीण हैंडपंप से पानी लाने को मजबूर हैं। मोहन बड़ोदिया में कुंडलिया डैम से पानी टंकी में आता है, जिससे करीब 10 हजार से अधिक आबादी को पानी मिलता है। हालांकि, नलजल योजना के लिए बिछाई गई नई पाइपलाइन में पानी का दबाव (प्रेशर) नहीं बन पा रहा है। नलों से आने वाला पानी भी मटमैला होता कम दबाव के कारण लगभग 30 वाल्व लगाए गए हैं। यदि इन वाल्वों को नियमित रूप से खोला जाए, तो भी हर घर में चार दिन में एक बार पानी पहुंचेगा। वर्तमान में अनियमित आपूर्ति के कारण 6 से 7 दिनों में बिना दबाव के पानी मिल रहा है। ग्रामीण जगदीश मालवीय ने बताया कि मोहन बड़ोदिया की नलखेड़ा रोड कॉलोनी में नलों से पानी बिना दबाव के आ रहा है। उन्होंने कहा कि पानी के दबाव के लिए 75 एमएम का पाइप लगाया गया है, जबकि 110 एमएम का पाइप होने पर बेहतर दबाव बनता। नलों से आने वाला पानी भी मटमैला होता है। कुंडलिया डैम की लाइन बंद कर दी गई विगत दो दिनों से कुंडलिया डैम से आने वाली पाइपलाइन से भी पानी नहीं आ रहा है। इस संबंध में ठेकेदार ने बताया कि सोमवार सुबह सारंगपुर पेट्रोल पंप के पास सड़क पर बीएसएनएल की ओर से लाइन क्षतिग्रस्त कर दी गई थी, जिसके कारण कुंडलिया डैम की लाइन बंद कर दी गई है। मोहन बड़ोदिया के सरपंच प्रतिनिधि रामेश्वर पाटीदार ने बुधवार सुबह 10 बजे बताया कि लोगों को समय पर पानी उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। सरपंच के कुएं से पानी टंकी में छोड़ा गया और आज वाल्व खोले गए।
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मोहन बड़ोदिया में नलजल व्यवस्था ठप, पीने योग्य पानी नहीं:ग्रामीणों को 6-7 दिन में मिल रहा मटमैला पानी; प्रेशर भी कम















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