![]()
आजमगढ़ में सीआरपीएफ में नौकरी के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। इस बात की पुष्टि जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने की है। इसके साथ ही इस पूरे मामले में फरार सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार का कहना है की जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं। उसकी गहनता से जांच की जा रही है। इसके साथ ही आरोपियों के विरुद्ध एविडेंस कलेक्ट किए जा रहे हैं। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई करने के साथ ही अपराध से अर्जित संपत्तियों को भी 14 A के तहत कुर्क किया जाएगा। आरोपियों ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ ही नॉर्थ लिंक तक अपना जाल फैला रखा था। ऐसे में इस पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बहुत से युवा इस मामले में शिकायत करने आ रहे हैं।
तीन आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी आजमगढ़ पुलिस ने सीआरपीएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को 2 दिन पूर्व गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार आरोपियों में गंभीरपुर थाना क्षेत्र का राकेश यादव जो कि शिक्षामित्र है। इसके साथ ही प्रधान प्रतिनिधि है। जबकि रानी की सराय थाना क्षेत्र का रहने वाला प्रदीप यादव प्राइवेट शिक्षण संस्थान चलाता है। इसके साथ ही केंद्र और मान्यता दिलाने का भी काम करता है जबकि तीसरा आरोपी राहुल कुमार बीडीसी सदस्य हैं। यह तीनों आरोपी विगत 10 वर्षों से युवाओं को नौकरी के नाम पर ठगने का काम कर रहे थे।
इस बारे में दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए पीड़ित पंकज यादव ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा सेवा में नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रूपए लिए गए। जब नौकरी नहीं मिली तो पीड़ित अपना पैसा वापस मांगने लगे पर आरोपी पैसा वापस नहीं कर रहे थे। पीड़ित पंकज यादव का कहना है कि आरोपियों ने गिरोह बनाकर आजमगढ़ गाजीपुर गोंडा बलिया सहित प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में युवाओं के साथ ठगी की घटना को अंजाम दिया है। आरोपियों ने अब तक करोड़ों रुपए से अधिक की ठगी की घटना को अंजाम दिया है। असम मे तैयार कराते थे निवास प्रमाण पत्र
पुलिस के हत्थे चढे आरोपित भारत के खासतौर से आसाम में सेंटिंग कर यह गिरोह चलाते थे।यहा युवाओं से पाच से दस लाख तक सौदा कर पैसा लेते थे फिर फर्जी दस्तावेज के सहारे भर्ती करा देते थे। निवास प्रमाण पत्र के चलते बनने वाली क्षैक्षिक मेरिट मे लाभ मिलता था और आसानी से भर्ती करा देते थे। आनलाइन मंगवाते थे दूसरे के खाते मे पैसा
गिरोह मे शामिल राकेश यादव समेत अन्य अलग अलग जनसेवा केन्द्र के माध्यम से पैसे का लेनदेन करते थे जिससे लेन देन के आधार पर शक न हो। स्थानीय के अलावा अन्य जनपदो के युवाओं से भी पैसा इसी तरह वसूलते थे।
गिरोह का फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का प्रयास ही बिफल हो गया और यही से पैसा देने वाले युवक दबाव बनाने लगा। पैसा न मिलने पर मामला पुलिस के पहुचा और हत्थे चढ गये। इन दिनो आसाम मे निवास बनाने की प्रक्रिया मे परिवर्तन हो गया जिससे गिरोह भी दस्तावेज नही बनवा सका। यही कारण है कि इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है।
Source link
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर लगेगा गैंगस्टर:CRPF में नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला आया था सामने, SSP बोले कुर्क होगी संपत्ति
















Leave a Reply