राजनांदगांव में 'छतमार' गिरोह का पर्दाफाश:राजस्थान से मुख्य आरोपी प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया, 4 दुकानों को बनाया था निशाना




राजनांदगांव पुलिस ने चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले राजस्थान के ‘छतमार’ गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस गिरोह के मुख्य सरगना दिनेश चरपोटा (36) को बांसवाड़ा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह दुकानों की छत के रास्ते घुसकर कैश और कीमती सामान चुराने में माहिर है। पिछले साल अगस्त और सितंबर माह में शहर के व्यस्ततम व्यापारिक इलाकों में चोरी की चार बड़ी वारदातें हुई थीं। इन सभी वारदातों में चोरों ने एक ही तरीका अपनाया था। दुकान की छत के रास्ते अंदर घुसना और गल्ले से नकदी, सामान समेट लेना। गिरोह ने जिन दुकानों को निशाना बनाया था, उनमें महावीर चौक स्थित नंदलाल हार्डवेयर से 60 हजार कैश, मानव मंदिर चौक स्थित गणेश मेडिकल स्टोर से 7,00,000 कैश, मानव मंदिर चौक स्थित नरेश वॉच से 2,50,000 कैश और एक दर्जन से ज्यादा कीमती घड़ियां, हमालपारा स्थित संगम साड़ी से 3,00,000 कैश और सोने की चेन सहित कुल 4,00,000 की चोरी शामिल है। CCTV और मोबाइल लोकेशन से मिला बड़ा सुराग पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण और टावर डंप (मोबाइल लोकेशन) के आधार पर पुलिस की जांच राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के अपराधियों की ओर केंद्रित हुई। जांच में पता चला कि गिरोह का मुख्य आरोपी दिनेश चरपोटा पहले से ही राजस्थान की बांसवाड़ा जेल में बंद है। बांसवाड़ा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया आरोपी इसके बाद कोतवाली पुलिस की एक टीम राजस्थान रवाना हुई और दिनेश चरपोटा को प्रोडक्शन वारंट पर राजनांदगांव लेकर आई। दिनेश, गणेशीलाल का पाड़ला का निवासी है। इस मामले में हरिश उर्फ हरिया, परमेश उर्फ फन्टु और सुनील चरपोटा (सभी राजस्थान निवासी) अभी फरार हैं। पूछताछ में गिरोह और चोरी के माल को लेकर खुलासे बताया जा रहा है कि दिनेश चरपोटा से पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी किए गए माल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस जल्द ही अन्य फरार साथियों को भी गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *