रामकी कर्मचारियों की हड़ताल जारी, शहर में सफाई व्यवस्था ठप:वेतन में गड़बड़ी का आरोप, बोले- जांच कमेटी बने बिना काम पर नहीं लौटेंगे




रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन आज भी पूरी तरह ठप रहा। शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही रामकी ग्रुप के कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को कंपनी अधिकारियों ने दावा किया था कि कर्मचारियों से बातचीत सफल रही है और जल्द काम शुरू हो जाएगा, लेकिन आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने इसे खारिज कर दिया। कर्मचारियों ने दैनिक भास्कर से कहा कि, पिछले 8 साल से उनके वेतन में गड़बड़ी की जा रही है। कंपनी को प्रति सफाईकर्मी 9,750 रुपए भुगतान किए जाते हैं, लेकिन कर्मचारियों को सिर्फ 7 से 8 हजार रुपए ही दिए जा रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने साफ कहा है कि, जब तक वेतन गड़बड़ी की जांच के लिए कमेटी नहीं बनाई जाती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। मंगलवार को रामकी ग्रुप ने हड़ताली कर्मचारियों के साथ बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झूमाझटकी, कई कर्मचारी भेजे गए जेल इससे पहले दलदल सिवनी में चल रहे आंदोलन के दौरान सफाई कर्मियों और पुलिस के बीच झूमाझटकी भी हुई थी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कई आंदोलनकारी कर्मचारियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। प्रदर्शन के दौरान एक कर्मचारी की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तीसरे दिन भी नहीं पहुंचीं कचरा गाड़ियां रायपुर में स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच लगातार तीसरे दिन डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन नहीं हो पाया। कई इलाकों में लोग सुबह से घरों के बाहर डस्टबिन लेकर कचरा गाड़ियों का इंतजार करते रहे, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में गाड़ियां नहीं पहुंचीं। 78 करोड़ भुगतान अटका, कंपनी ने निगम पर लगाया आरोप DSW रामकी कंपनी का कहना है कि नगर निगम ने मार्च 2025 से अब तक करीब 78 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है। कंपनी के मुताबिक निगम की ओर से केवल आंशिक भुगतान किया जा रहा है, जबकि डीजल, गाड़ियों के मेंटेनेंस और कर्मचारियों के वेतन का खर्च लगातार बढ़ रहा है। वहीं कचरा गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर भी वेतन वृद्धि और समय पर भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मांगें रखी जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। शहर में लगने लगे कचरे के ढेर तीन दिन से कचरा कलेक्शन बंद होने के कारण शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर लगने लगे हैं। लोगों ने नगर निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। खास बात यह है कि इसी दौरान केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण टीम का दौरा प्रस्तावित है। ऐसे में शहर की बिगड़ी सफाई व्यवस्था ने नगर निगम की तैयारियों और कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।



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