रायपुर में शनि जयंती पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़:11 हजार बातियों से हुई भव्य महाआरती, भजन-कीर्तन और भंडारे में शामिल हुए श्रद्धालु




आज 16 मई को पूरे देश में शनि जयंती (शनिश्चरी अमावस्या) का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व हर वर्ष ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। राजधानी रायपुर में भी मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही और लोगों ने विधि-विधान से शनिदेव की पूजा-अर्चना की। सिटी सेंटर मॉल के सामने स्थित श्री शनिदेव मंदिर में विशेष आयोजन किए गए। मंदिर के पुजारी पंडित शुभ मिश्रा ने बताया कि सुबह अभिषेक और विशेष शृंगार के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने तेल, काला तिल और पुष्प अर्पित कर शनिदेव का आशीर्वाद लिया। दोपहर 2 बजे से भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भजन-कीर्तन और 11 हजार बातियों से महाआरती शाम होते ही मंदिर परिसर भक्ति माहौल से गूंज उठा। भजन-कीर्तन में श्रद्धालु देर शाम तक शामिल रहे। 11 हजार बातियों से भव्य महाआरती की गई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ मौजूद रही। शनि पूजा का विशेष महत्व हिंदू धर्म में शनिदेव को न्याय का देवता और कर्मों का फल देने वाला माना जाता है। मान्यता है कि शनि जयंती के दिन विधि-विधान से पूजा करने, दान-पुण्य और मंत्र जाप करने से साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। इसी वजह से इस दिन श्रद्धालु विशेष रूप से शनिदेव की आराधना करते हैं।
पूजा विधि और दान
आज के दिन शनि देव की मूर्ति पर सरसों का तेल, काले तिल, और नीले फूल अर्पित किए जाते हैं। जरूरतमंदों को काले कपड़े, उड़द की दाल, जूते-चप्पल और लोहे के बर्तन दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *