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लखनऊ में जैन समाज ने रीवा में हुई जैन साध्वियों श्रुतमति और उपशममति की संदिग्ध मौत पर आक्रोश व्यक्त किया। समाज के लोग सड़कों पर उतर आए और इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर से एक विशाल मौन जुलूस निकाला। इस दौरान संतों की सुरक्षा और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। यह घटना 21 मई को मध्य प्रदेश के रीवा में हुई थी। जैन समाज इसे केवल एक हादसा मानने को तैयार नहीं है। समाज के लोगों का कहना है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान कई सवाल खड़े कर रहे हैं। इसी कारण पूरे देश में विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का सिलसिला जारी है। दोषियों पर कार्रवाई की मांग लखनऊ में मौन जुलूस इंदिरा नगर जैन मंदिर से शुरू होकर भूतनाथ मार्केट, शालीमार चौराहा और आम्रपाली क्षेत्र से होते हुए वापस मंदिर पहुंचा। इस जुलूस में 650 से अधिक महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। सभी शांत और अनुशासित ढंग से हाथों में तख्तियां लिए चल रहे थे, जिन पर संतों की सुरक्षा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग लिखी थी। जैन समाज के महासचिव अभिषेक जैन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसीपी अनिंद्य विक्रम सिंह को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिलाधिकारी विशाख जी और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के नाम भेजा गया। संतों पर किसी भी हमला अस्वीकार्य ज्ञापन में रीवा मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, देशभर में पदविहार कर रहे जैन साधु-संतों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई। जैन समाज के अध्यक्ष पी.के. जैन ने कहा कि संत समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जो धर्म, संस्कार और अहिंसा का संदेश देते हैं। उन्होंने ऐसे संतों पर किसी भी हमले को अस्वीकार्य बताया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य सुबल सागर महाराज ने कहा कि जैन और सनातन परंपरा के संत हमेशा अहिंसा और जीव रक्षा का संदेश देते हैं। उन्होंने ऐसे शांत और निस्पृह संतों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को बेहद दुखद और निंदनीय बताया। उन्होंने सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की।
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रीवा में जैन साध्वियों की मौत, लखनऊ में प्रदर्शन:जैन समाज ने निकाला मौन जुलूस, जांच की मांग















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