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कानपुर की चकेरी पुलिस ने वार्ड बॉय अंकित त्रिवेदी हत्याकांड का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी सत्यम मिश्रा को उन्नाव के ग्राम बागरमऊ से पकड़ा। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि 17 अप्रैल को चकेरी निवासी विष्णुचंद्र त्रिवेदी ने अपने 37 वर्षीय बेटे अंकित त्रिवेदी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अंकित बाराबंकी के सिद्धौर ब्लॉक स्थित प्राथमिक चिकित्सालय में वार्ड बॉय के पद पर कार्यरत था। 16 अप्रैल की शाम ड्यूटी से लौटने के बाद अंकित ने अपनी पत्नी को बताया था कि वह दोस्त के साथ फतेहपुर जा रहा है। वह अपनी कार से निकला और फिर वापस नहीं लौटा। जांच के दौरान अंकित की कार फतेहपुर के हथगांव में लावारिस हालत में मिली। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और पूछताछ के आधार पर इस मामले का खुलासा किया। पुलिस ने इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को जेल भेज दिया था। शुक्रवार को फरार चल रहे चौथे मुख्य आरोपी सत्यम मिश्रा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी शादाब की बहन अफ़साना की तलाश अभी जारी है। पूछताछ में आरोपी सत्यम मिश्रा ने बताया कि अंकित उसका दोस्त था और सरकारी नौकरी होने के कारण उसके खाते में लाखों रुपये रहते थे। आरोपियों ने अंकित के पैसे हड़पने की साजिश रची। साजिश के तहत, रेहान ने अंकित को कार बुक करवाकर फतेहपुर ले गया। रास्ते में आरोपियों ने लघुशंका के बहाने कार एक सुनसान जगह रुकवाई। वहां चारों आरोपियों ने मिलकर अंकित के हाथ-पैर पकड़े और बैंक ऐप का पासवर्ड पूछा। पासवर्ड न बताने पर आरोपियों ने अंकित के साथ मारपीट की और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, उन्होंने अंकित के शव को एक बोरे में भरा और फतेहपुर के सुल्तान घोष में गंगा नदी में फेंक दिया। वारदात के बाद, कार का डीजल खत्म होने पर वे उसे घटनास्थल पर ही छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने इस मामले में 2 मई को आरोपी रेहान, शादाब और अल्तमश को पहले ही जेल भेज दिया था। पुलिस की पूछताछ में सत्यम ने बताया कि वह ई-रिक्शा और ट्रेन से कानपुर पहुंचा और फिर मुंबई भाग गया था। पुलिस की दबिश बढ़ने पर सत्यम वापस अपने घर लौटा, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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वार्ड बॉय अंकित की हत्या का खुलासा:रुपए ट्रांसफर न करने पर गला घोंटा, शव गंगा में फेंका; मुख्य आरोपी गिरफ्तार
















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