![]()
देवास में शादी के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सामूहिक विवाह सम्मेलन के बहाने प्रदेश के कई जिलों से 42 दूल्हों को देवास बुलाया गया था, लेकिन रविवार 25 अप्रैल को दुल्हनें नहीं पहुंचीं। इस घटना के बाद दूल्हों और उनके परिजनों ने हंगामा किया। फर्जीवाड़े को अंजाम देने वालों ने प्रत्येक दूल्हे से 12 हजार से 20 हजार रुपए तक की राशि ली थी। उन्हें सोशल मीडिया पर खूबसूरत मॉडलों की तस्वीरें दिखाकर दुल्हनें पसंद करवाई गईं। दूल्हों को बताया गया था कि दुल्हनें इंदौर के अनाथ आश्रम से आएंगी और सम्मेलन में दहेज का सामान भी दिया जाएगा। भोपाल, शाजापुर सहित कई जिलों से 42 दूल्हे शादी के सपने संजोए अपने परिवारों के साथ रविवार 25 अप्रैल की सुबह देवास पहुंचे। यहां उन्हें एक पुरुष और एक महिला मिले, जिन्होंने उन्हें शादी के लिए बुलाया था। इन दोनों ने सुबह से ही दूल्हों को यह कहकर इंतजार करवाया कि दुल्हनें इंदौर से जल्द आ जाएंगी। रात 10 बजे तक जब कोई दुल्हन नहीं आई, तो दूल्हों और उनके परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर बीएनपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को थाने ले गई। दूल्हों ने पुलिस को बताया कि उन्हें 24 अप्रैल को देवास पहुंचने और 25 अप्रैल को सामूहिक विवाह सम्मेलन होने की जानकारी दी गई थी। कई दूल्हे किराए की कार लेकर आए थे और उन्हें बताया गया था कि उन्हें कुछ भी लाने की जरूरत नहीं है, दहेज सहित सभी सामग्री यहीं से दी जाएगी। कई दूल्हों ने तो अपने गांवों में शादी के लिए मेहमान भी बुला लिए थे।एक दूल्हे अशोक ने बताया कि उनसे 12 हजार रुपए लिए गए थे। वे रविवार सुबह 8 बजे देवास पहुंचे थे, जहां उन्हें बताया गया कि कोई मैडम आ रही हैं, लेकिन रात 12 बजे तक कोई नहीं आया। इंदौर के अनाथ आश्रम से दुल्हन आने का कहा था राहुल मीणा ने बताया कि हम हरनियाकलां से आए हैं। यहां पर एक मेडम से संपर्क हुआ था, भोपाल शाजापुर भी लोग आए। हम से 2500-2500 हजार रुपए लिए गए। हमें बताया गया था इंदौर के अनाथ आश्रम से दुल्हन आएगी। इंदौर का मातृ छाया आश्रम बताया जा रहा है। कहा था कि हल्दी मत लगाना भोपाल से आए दूल्हे ओमप्रकाश प्रजापति ने बताया कि हमें महिला और पुरूष ने कहा था कि देवास में दुल्हन आएंगी। माता टेकरी पर शादी होगी। खूबसूरत लड़कियों के फोटो हमें सोशल मीडिया पर दिखाए थे, जिन्हें देखकर हमने दुल्हन पसंद की थी। राजकुमारी ने बताया कि भाई रोहित को लेकर आए थे, हमें कहा था कि हल्दी लगाकर नहीं आना है, ऑनलाइन कागज जमा करवाएं थे। पैसे लेने वाले ने कहा- भाई ने कहा था शादी करवाएं मुकेश दास ने बताया कि मेरे सगे भाई दिलीप दास बैरागी ने बुलाया था, इंदौर में काम करते हैं उन्होंने कहा था कि इंदौर के अनाथ आश्रम की लड़कियां हैं। अपने परिचितों की उन से शादी कर देंगे। हमें कहा था कि दूल्हों को माता टेकरी पर बुला लेना, वहीं शादी करेंगे। मेरे सगे भाई ने लड़कियों के फोटो दिखाए थे, अभी भाई का फोन बंद आ रही है। पहली बार शादी करवा रहे है। बीएनपी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Source link
शादी के लिए देवास पहुंचे 42 दूल्हे, नहीं आई दुल्हनें:मॉडल की तस्वीर दिखाकर लिए 12-20 हजार, ठगों ने पूरा इंतजाम करने का दिया था भरोसा















Leave a Reply