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सतना जिले के नागौद ब्लॉक के गिंजारा गांव में मीजल्स से 2 वर्षीय मासूम उर्मी अहिरवार की 27 अप्रैल को हुई मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। राज्य टीकाकरण सेल के तकनीकी सलाहकार डॉ. अमित तिवारी की जांच में सामने आया है कि उर्मी को यह संक्रमण उसकी 4 वर्षीय बड़ी बहन पूर्वी से मिला था। डॉ. तिवारी ने उर्मी के परिजनों से पूछताछ की। उर्मी के पिता संजय अहिरवार ने बताया कि उनका परिवार जम्मू में रहता था। जम्मू में सबसे पहले पूर्वी को मीजल्स और बुखार हुआ था। परिवार 18 अप्रैल को गांव लौटा था, जिसके बाद उर्मी भी इस बीमारी से पीड़ित हो गई थी। इस बीमारी की गंभीरता को देखते हुए, राज्य टीकाकरण सेल के तकनीकी सलाहकार डॉ. अमित तिवारी ने नागौद के बीएमओ को निर्देश दिए हैं। उन्होंने गिंजारा के सेहरा टोला के साथ-साथ तिवारी टोला में भी व्यापक सर्वे कराने को कहा है। तकनीकी सलाहकार के निर्देशों के बाद, मैदानी अमले ने तिवारी टोला के लगभग 75 घरों का सर्वे किया। राहत की बात यह रही कि कोई भी नया संदिग्ध मरीज नहीं मिला। गांव में 28 बच्चों को एमआर वैक्सीन की अतिरिक्त खुराकें दी गईं और विटामिन ए का डोज भी लगाया गया। जांच टीम में एपिडिमियोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप गौतम, बीएमओ डॉ. प्रमोद प्रजापति, ईएमएडी ऑफिसर नृपेश सिंह और डब्ल्यूएचओ से डॉ. पवन सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। क्या है मीजल्स खसरा (Measles या रूबियोला) एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो आमतौर पर बच्चों को प्रभावित करती है। यह वायरस हवा के माध्यम से, खांसने या छींकने से बहुत तेजी से फैलता है, जिससे पूरे शरीर पर लाल चकत्ते, तेज बुखार, खांसी, बहती नाक और आंखें लाल होने जैसे लक्षण होते हैं। यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है, जो निमोनिया या मस्तिष्क की सूजन जैसी जटिलताएं पैदा कर सकती है, लेकिन इसका बचाव टीकाकरण (MMR Vaccine) से संभव है।
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सतना में मीजल्स से बच्ची की मौत:राज्य टीम की जांच में खुलासा, बड़ी बहन से मिला संक्रमण














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