सुवेंदु PA हत्याकांड-मुजफ्फरनगर से बलिया का युवक अरेस्ट:परिवार के साथ हरिद्वार से लौट रहा था, CBI ने पकड़ा




पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में मुजफ्फरनगर से एक और युवक को गिरफ्तार किया गया है। यूपी के बलिया के रहने वाले राजकुमार सिंह को CBI ने पकड़ा है। वहीं, 6 दिन पहले बंगाल पुलिस ने बिहार के बक्सर से भी 2 संदिग्ध शूटर्स मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य के साथ बलिया के ही राज सिंह को पकड़ा था। बंगाल चुनाव के नतीजे आने के 2 दिन बाद 6 मई को 42 साल के चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने रथ की कार रुकवाकर कई राउंड फायरिंग की थी। रथ को सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं। वारदात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई थी। इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी, जिसके चलते मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई जांच के दौरान बलिया जिले के रातोपुर निवासी राजकुमार सिंह का नाम सामने आया। हरिद्वार से लौटते समय घेरा, टोल प्लाजा के पास दबोचा जांच एजेंसी को पहले से ही आरोपी की गतिविधियों की जानकारी मिल चुकी थी। सूचना मिली थी कि आरोपी हरिद्वार से वापस लौट रहा है। इसके बाद सीबीआई टीम ने मुजफ्फरनगर के छपार क्षेत्र स्थित टोल प्लाजा के पास जाल बिछाया। सोमवार तड़के जैसे ही आरोपी की गाड़ी टोल के पास पहुंची। CBI टीम ने छपार पुलिस की मदद से उसे पकड़ लिया। आरोपी से काफी देर तक पूछताछ की गई। अदालत से मिला 24 घंटे का रिमांड सीबीआई के सीओ राजेश कुमार आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए सीजेएम कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने 24 घंटे की रिमांड दी। जांच एजेंसी आरोपी से पूछताछ कर हत्या की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। इस गिरफ्तारी के बाद मामले में कई नए खुलासे हो सकते हैं। हत्या में 8 लोगों के शामिल होने का शक जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश और वारदात में कम से कम 8 लोग शामिल थे। आरोपियों ने वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। सामने आया कि हमलावरों की कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। यहां कार में मौजूद एक व्यक्ति ने UPI के जरिए टोल पेमेंट किया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने एक आरोपी की पहचान की और फिर बाकी आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की पहचान को टोल प्लाजा के CCTV फुटेज और गाड़ी की तस्वीरों से कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, हमलावरों ने पहचान और मूवमेंट छुपाने के लिए कई तरीके अपनाए थे। हमलावर के सुपारी किलर्स होने की आशंका, कार-बाइक जब्त बंगाल पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद रथ की हत्या में सुपारी किलर्स के शामिल होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि रथ की हत्या प्लानिंग के तहत की गई। इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने घटनास्थल से एक कार जब्त की, जिससे रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली थी। कार का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। इसके अलावा हमले में 2 बाइक शामिल थीं। इनमें से एक बाइक भी घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर चाय की दुकान के पास मिली थी। उस पर भी फर्जी रजिस्ट्रेशन था। दूसरी बाइक अभी नहीं मिली है। सुवेंदु TMC में थे, तब से चंद्रनाथ उनके साथ थे चंद्रनाथ पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। सुवेंदु जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तब से चंद्रनाथ उनके लिए काम कर रहे थे। उन्हें सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता था। चंद्रनाथ 2019 में सुवेंदु की ऑफिशियल टीम का हिस्सा बने, तब सुवेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में सुवेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। भवानीपुर वही सीट है जहां से सुवेंदु ने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करीब 15 हजार वोटों से हराया है। चंद्रनाथ की मां भी सुवेंदु के साथ भाजपा में गई थीं सुवेंदु की तरह चंद्रनाथ का परिवार भी पहले TMC से जुड़ा था। उनकी मां हाशी रथ ने TMC शासन के दौरान पूर्व मेदिनीपुर में स्थानीय पंचायत निकाय में पद संभाला था, लेकिन 2020 में सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गईं। चंद्रनाथ शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल थे। उन्होंने रहारा रामकृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। कई सालों तक सुवेंदु के करीबी होने के बावजूद वह सुर्खियों से दूर ही रहते थे। चंद्रकात की सुवेंदु के साथ कोई फोटो नहीं है। पूरी वारदात को 90 मिनट की टाइमलाइन से समझिए… चंद्रनाथ करीब 9 बजे कोलकाता से निकले : चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम में अपने किराए के घर पर जाने के लिए स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। चंद्रनाथ बगल में बैठे थे। रात 10 बजे CCTV में स्कॉर्पियो दिखी : कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर मध्यमग्राम में रात 9:58 बजे एक CCTV कैमरे में चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो सड़क से गुजरती दिखी। स्कॉर्पियो के गुजरने के कुछ देर बाद इलाके से एक कार और दो बाइक पर सवार तीन लोग पीछे जाते दिखे। 10:30 बजे कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका : मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास कार स्कॉर्पियो से आगे निकल गई और सामने जाकर गाड़ी रोक दी। स्कॉर्पियो ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी। बाइक पर सवार हमलावर ने फायरिंग शुरू की: जब तक चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावर बाईं तरफ आए और 6 से 10 राउंड फायरिंग की। कार छोड़कर भागे बदमाश: वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार को वहीं छोड़कर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दो अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। कार की नंबर प्लेट फर्जी : पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त की, लेकिन नंबर की जांच की गई तो वह फर्जी निकला। कार के चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। हत्या में ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल: हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया था। इस तरह के मॉडर्न हथियार का इस्तेमाल कोई आम अपराधी नहीं करते। जिस तरह से हमला हुआ, उसे कोई प्रोफेशनल शूटर ही अंजाम दे सकता है। ——————————————— ये खबर भी पढ़ेंः- योगी बोले- सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने देंगे:संख्या ज्यादा है तो कंट्रोल क्यों नहीं करते, प्यार से नहीं माने तो दूसरा तरीका अपनाएंगे यूपी में बकरीद से एक हफ्ते पहले सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी ने सख्त चेतावनी दी। सोमवार को लखनऊ में अमर उजाला के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ने दी जाएगी। प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। पढ़ें पूरी खबर…



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