1.50 करोड़ की लागत से होगा अन्नपूर्णा तालाब का विकास:मंत्री सिलावट बोले-समाज के हर व्यक्ति को जल संरक्षण के लिए आगे आना होगा, शपथ दिलाई




जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सोमवार को गंगा दशमी पर्व के मौके पर अन्नपूर्णा तालाब में 1.50 करोड़ रुपए की लागत से जलाशय पूजन और तालाब के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इसमें जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा, एमआईसी मेंबर अभिषेक शर्मा बबूल सहित कई लोग मौजूद रहे। यहां मौजूद लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल एक योजना नहीं बल्कि जल संरक्षण का जनसंकल्प है। जल का उत्पादन संभव नहीं है, केवल उसका संरक्षण और प्रबंधन ही किया जा सकता है। इसलिए समाज के हर व्यक्ति को जल संरक्षण के लिए आगे आना होगा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, “एक पेड़ मां के नाम” अभियान तथा जल गंगा संवर्धन अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। महापौर ने की जनता से अपील महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के आव्हान पर इंदौर में पिछले 3 सालों से “नो कार डे” अभियान चलाया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। नो कार डे के दौरान लगभग 20 प्रतिशत कारों का उपयोग कम हुआ, पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी आई तथा ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने लोगों से हर शुक्रवार को स्वेच्छा से नो कार डे अपनाने तथा पब्लिक ट्रांसपोर्ट एवं साइकिल का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि साल 2011 में इंदौर में लगभग 4 लाख मकान थे, जबकि वर्तमान सर्वे के अनुसार शहर में 8 लाख से अधिक मकानों की गणना हुई है। लगातार बढ़ती आबादी के कारण पानी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कम बारिश के कारण हजारों बोरवेल सूख गए, बावजूद इसके नगर निगम ने 650 से ज्यादा टैंकरों के माध्यम से हजारों कॉलोनियों में जलापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में जल संकट से बचने का एकमात्र उपाय वर्षा जल संरक्षण है। हर व्यक्ति को अपने घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपनाना चाहिए ताकि बारिश की हर बूंद जमीन में संरक्षित हो सके। बढ़ते शहर के साथ पानी की चुनौतियां भी बढ़ी विधायक मधु वर्मा ने कहा कि इंदौर में मां नर्मदा के चौथे चरण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। लंबे समय से छठ पूजा घाट निर्माण की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी होने जा रही है। तेजी से बढ़ते शहर के साथ जल की चुनौतियां भी बढ़ी हैं, लेकिन नगर निगम लगातार शहर एवं आसपास के सम्मिलित गांवों में जलप्रदाय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए काम कर रहा है। बारिश का स्वरूप भी बदल रहा है जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत शहर के तालाबों एवं जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य के कारण वर्षा का स्वरूप भी बदल रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा चलाए जा रहे “कैच द रेन” अभियान एवं मुख्यमंत्री के जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल संरक्षण को जनभागीदारी से सफल बनाया जा रहा है। प्रोग्राम के अंत में लोगों ने जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का संकल्प लिया।



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