अमृतसर
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास खाजूवाला इलाके में तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने ड्रोन से गिराई गई भारी मात्रा में हेरोइन, हथियार और गोला-बारूद जब्त किया है. इस ऑपरेशन के दौरान तस्करी का सामान लेने आए एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया. गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए खाजूवाला पुलिस ने 10 किलो हेरोइन, 11 पिस्तौल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और तस्करों द्वारा गिराया गया एक ड्रोन बरामद किया. जोधपुर के रहने वाले वीरेंद्र सिंह को मौके से गिरफ्तार किया गया. वह कथित तौर पर यह खेप लेने आया था।
मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर जांच शुरू
पुलिस ने बरामद मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि मोटरसाइकिल के पंजीकरण और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। फिलहाल पुलिस मोटरसाइकिल के मालिक और उससे जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।
क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच
घटना के संबंध में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों की जांच कर रही है, ताकि फरार तस्करों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशे की खेप भेजने की कोशिशों को लगातार नाकाम किया जा रहा है। मामले की हर पहलू से जांच जारी है और जल्द ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।
शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, जब्त की गई 10 किलो हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ है. पुलिस ने पूरी खेप ज़ब्त कर ली है और गहन जांच शुरू कर दी है. घटना की खबर मिलते ही ज़िला पुलिस अधीक्षक मृदुल कछवाहा मौके पर पहुंचे. पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि यह मामला सीमा-पार तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है. जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान करने और पाकिस्तान-स्थित मॉड्यूल की भारतीय राज्यों में पहुंच का पता लगाने के लिए काम कर रही हैं. इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. इससे पहले पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने सीमा-पार ड्रग तस्करी और संगठित अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था और 20 किलो हेरोइन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया था. आरोपी की पहचान तरनतारन के रहने वाले ओम शर्मा के रूप में हुई थी।
डीजीपी ने क्या कहा?
डीजीपी ने बताया कि अमृतसर में काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट को विदेश में बैठे एक हैंडलर के सहयोगियों के बारे में खास जानकारी मिली थी, जो अवैध ड्रग तस्करी में शामिल थे. वे अजनाला सीमा क्षेत्र में अपने पाकिस्तानी सहयोगियों से ड्रोन के जरिए हेरोइन की खेप गिराने की व्यवस्था करते थे. निर्देशों के बाद यह प्रतिबंधित सामान सह-आरोपी शर्मा को पहुंचाया जाता था, जो फिर ड्रग्स को अन्य लोगों तक पहुंचाता था।












Leave a Reply