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गुरुवार को सुबह से देर शाम तक राजस्थान से होकर पूर्व दिशा से आ रही गर्म हवा की वजह से झुलसने जैसी स्थिति रही। अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार 13 साल में मई के दूसरे पखवाड़े में ऐसी स्थिति दूसरी बार बनी।
इसके पहले 2012 में यह स्थिति बनी थी। जब 26 मई को अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार पहुंचा था। अमूमन हर साल नौतपा के पहले अधिकतम तापमान 44 डिग्री से कम रहता है लेकिन इस बार स्थिति बदल गई। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि राजस्थान से होकर गर्म हवा ज्यादा मात्रा मंे आ रही है। इस वजह से सुबह से देर रात तक गर्मी व उमस का अहसास हो रहा है। गर्मी का अंदाजा इसी से लगा सकते है कि सुबह 8 बजे और रात 8 बजे भी पारा 38 डिग्री के आसपास है। दोपहर 2 बजे अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया।
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि राजस्थान से आ रही गर्म हवा के अलावा जिले में गर्मी बढ़ने की कई वजह है। जिसमें प्रति चक्रवात का सक्रिय होना भी है। वातावरण के ऊपर हवा में सक्रिय सिस्टम प्रति चक्रवात धरती से वापस जाने वाली उष्मा तरंग को अंतरिक्ष की ओर जाने से कुछ हद तक रोक रही है। इस स्थिति में तापमान बढ़ते क्रम पर है। उष्मा तरंग ऐसा मौसम तंत्र है, जब किसी क्षेत्र में तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाता है और यह स्थिति लगातार कई दिनों तक बनी रहती है। पूर्व के अलावा उत्तर व पश्चिम दिशा से जिले में गर्म व शुष्क हवा आ रही है। रात की तुलना में दिन की अवधि बढ़ गई है। इस वजह से भी पहले की तुलना में वर्तमान में गर्मी व उमस का अहसास हो रहा है।
लू से बचाव के लिए इन बातों का ध्यान रखें स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लू से बचाव के लिए धूप में निकलने से पहले सिर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से ढंक लें। पानी ज्यादा मात्रा में पीते रहे। अधिक समय तक धूप में न रहे। गर्मी के दौरान नरम, मुलायम सूती के कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे। अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस घोल पीयें।













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