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भास्कर न्यूज|लोहरदगा/भंडरा झारखंड सरकार एक और स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ अव्यवस्थाओं के कारण इन सुविधाओं और भवनों का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। जिले के भंडरा प्रखंड के गड़रपों पंचायत के पलमी गांव में 2.5 करोड़ की लागत से बना 50 बेड वाला भवन बनने के बाद से आज तक बेकार साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग रांची से 2014 में टेंडर के बाद यहां भवन निर्माण हुआ था। दोनों भवनों का हैंडओवर आज तक नहीं हो पाया। जिस कारण भवन का शुभारंभ नहीं हो सका। नतीजा उक्त भवन भी धीरे-धीरे जर्जर होने के कगार पर पहुंच गया है। स्थिति यह है कि अब भी प्रखंड के मरीज और घायल सीएचसी के भरोसे चल रहे है। गंभीर स्थिति को छोड़ दे तो प्राथमिक से आगे बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए भी रेफर की परंपरा आज भी कायम है। इधर इसके अलावा कुडू प्रखंड में भी लगभग 16 वर्षों से रेफरल अस्पताल अधूरा पड़ा है। 3 करोड़ 56 लाख की लागत से भवन की नींव रखी गई थी, जो अब तक पूरा नहीं हो सका है जबकि इस भवन के बनने में दो बार संविदा निकल गई थी। पहले बार में संवेदक को ब्लैकलिस्टेड भी किया गया चुका है। दूसरे बार भी संवेदक द्वारा कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। बाद में कार्य जैसा का तैसा पड़ा रह गया। मामले पर सीएस राजू कच्छप से बताया कि मामले की जानकारी स्थानीय प्रभारी के माध्यम से ली जाएगी। इसके बाद स्थल का विजिट भी किया जाएगा। आखिर किस परिस्थिति में अब तक भवन का संचालन शुरू नहीं हो सका इसकी जांच कराई जाएगी। हर हाल में स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य लाभ मुहैया कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भवन यदि बेहतर अवस्था में है तो इसका प्रयोग अवश्य स्वास्थ्य सुविधा के लिए किया जाएगा।
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भंडरा में 2.5 करोड़ से बना 50 बेड का भवन 12 साल बाद भी हैडओवर नहीं















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