बोकारो | झारखंड के बिजली संकट पर विचार के लिए रविवार को बिरसा बासा हनुमान मंदिर परिसर के समीप बुद्धिजीवियों, उद्यमियों और स्थानीय लोगों की बैठक हुई। अध्यक्षता एमएसएमई एसोसिएशन ऑफ झारखंड के अध्यक्ष शशि भूषण ने की। उन्होंने कहा कि बिजली संकट का असर सिर्फ घरेलू नहीं, औद्योगिक उत्पादन पर भी पड़ता है। बोकारो जैसे औद्योगिक जिले में अनियमित आपूर्ति से एमएसएमई की लागत बढ़ती है। उन्होंने कहा कि बिजली संकट पर काफी आक्रोश और नाराजगी है। बैठक में शीघ्र बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी गई। वरीय सदस्य केके सिंह ने कहा कि ट्रांसफार्मर अपग्रेडेशन, सब-स्टेशन निर्माण और बकाया निपटारा तुरंत जरूरी है। नागरिक भागीदारी से ही जमीनी हकीकत बदल सकती है। असल में जिले में बिजली की आपूर्ति मांग के अनुसार नहीं होने के कारण ही पावर सप्लाई की संतुलन बिगड़ गई है। भीषण गर्मी, जर्जर ट्रांसमिशन-डिस्ट्रीब ्यूशन नेटवर्क, टीवीएनएल में बॉयलर खराबी और कोयला आपूर्ति की धीमी रफ्तार संकट की वजह है। डीवीसी समेत उत्पादकों के बकाया विवाद भी आपूर्ति में बाधक हैं। रविकांत ठाकुर ने कहा कि झारखंड में जरूरत के मुताबिक सब-स्टेशन नहीं होने से ग्रिड में पावर रहते हुए भी लाभ नहीं मिलता है। बैठक में सूरज कुमार, सुधीर कुमार, सुजीत कुमार बाउरी, मनोज बरगंडी आदि थे।
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बिजली संकट पर आक्रोश, आंदोलन की दी चेतावनी











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