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सिटी रिपोर्टर | बोकारो चास प्रखंड के कोलबेंदी गांव स्थित देव टोला हरि मंदिर परिसर तीन दिनों तक भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। गांव के 16 आना दिगार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय अखंड हरि कीर्तन का रविवार को पारंपरिक कुंज भंग के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। समापन के मौके पर पूरे गांव में हरिनाम संकीर्तन, अबीर-गुलाल और भक्ति गीतों की गूंज सुनाई दी। कार्यक्रम के पहले दिन रंग कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें नव युवक संघ रंग कीर्तन, चीतामी-बोकारो के मुख्य गायक सरजू कुमार एवं उनकी टीम ने भक्ति रस से सराबोर प्रस्तुति दी। ढोल, मंजीरा और करताल की धुन पर देर रात तक श्रद्धालु झूमते रहे। दूसरे दिन पाला कीर्तन में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के रघुनाथपुर से पहुंची नृत्यानंद लीला कीर्तन संप्रदाय की मुख्य गायिका कविता राय और उनकी मंडली ने राधा-कृष्ण की लीलाओं पर आधारित संगीतमय प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। रविवार को कुंज भंग के दौरान भी हरिनाम संकीर्तन जारी रहा। महिला, पुरुष और युवाओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। पूरे आयोजन के दौरान गांव के सभी परिवार सात्विक नियमों का पालन करते रहे। तीन दिनों तक किसी भी घर में मांस-मछली, लहसुन-प्याज आदि का उपयोग नहीं किया गया। गांव का वातावरण पूरी तरह धार्मिक और अनुशासित बना रहा। ग्रामीणों ने बताया कि अखंड हरि कीर्तन गांव की वर्षों पुरानी परंपरा है, जो सामाजिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करती है। आयोजन सफल बनाने में स्थानीय लोगों की सक्रिय भूमिका रही।
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अबीर-गुलाल और हरिनाम संकीर्तन के साथ कोलबेंदी में अखंड हरि कीर्तन संपन्न














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