कुख्यात ऊधम समेत सात बदमाशों पर 25-25 हजार का इनाम:हाल ही में फर्जी दस्तावेजों के जरिए छूटा था ऊधम, गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरु




मेरठ पुलिस ने बुधवार को सात बदमाशों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। इन बदमाशों में फर्जी दस्तावेजों से जमानत पाने वाला कुख्यात ऊधम सिंह भी शामिल है। पुलिस ने इन सभी की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया है। लगातार दबिश दी जा रही हैं। एक नजर पूरे मामले पर
अपराध व अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस समय समय पर कड़े कदम उठाती है। इसी श्रृंखला में सात वांछित बदमाशों की घेराबंदी शुरु करते हुए इन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। सभी बदमाश गंभीर प्रकरणों में वांछित चल रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है। ऊधम सिंह का नाम भी शामिल
जिन बदमाशों पर इनाम घोषित हुआ है, उनमें सरूरपुर के कस्बा करनावल का ऊधम सिंह भी शामिल है। ऊधम पर 70 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। अन्य चेहरों में शामली का फुरकान पुत्र यामीन, मुजफ्फरनगर जानसठ का विनय पुत्र नरेंद्र, मेरठ के मवाना अंतर्गत ग्राम ढिकौली का गौरव चौहान उर्फ बलकट पुत्र धीर सिंह, जानी के ग्राम पांचली का वंश चपराना पुत्र अमित चपराना, मेरठ के लोहियानगर का सुहैल पुत्र जाहिद और उसका भाई जुनैद उर्फ काला भी शामिल हैं। जमानत के लिए बनाए फर्जी दस्तावेज
पुलिस की मानें तो वर्ष 2011 में कुख्यात ऊधम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मुकदमे में वह जमानत पर चल रहा है। पुलिस के सत्यापन अभियान में खुलासा हुआ कि ऊधम ने जिन दो लोगों अनवर व सचिन के दस्तावेजों का जमानत में उपयोग किया था, वह फर्जी तरीके से तैयार किए गए थे। इसमें ऊधम के साथ उसके पैरोकार शेखर व बाबू की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस ने कोर्ट के जरिए जमानत रद्द करा दी है। मुकदमा कर एनबीडब्ल्यू कराए जारी
फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद पुलिस ने अनवर की तहरीर पर ऊधम समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में कोर्ट की मदद से ऊधम के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी पुलिस ने प्राप्त कर लिए है, जिसके बाद गिरफ़्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। ऊधम पर 71 अभियोग पंजीकृत
ऊधम सिंह एक शातिर किस्म का अपराधी है, जिस पर हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट गुंडा एक्ट के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम जैसी गंभीर धाराओं में 71 मुकदमे दर्ज हैं। जनपद मेरठ के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, गाजियाबाद, बिजनौर व लखनऊ में यह मुकदमे दर्ज हैं।



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