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कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील क्षेत्र मेंतहसील क्षेत्र में चल रहे चकबंदी कार्य ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। राजस्व अभिलेखों में गड़बड़ी और चक आवंटन में त्रुटियों के कारण ग्रामीण लगातार चकबंदी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समय पर सुनवाई नहीं हो रही। चकमार्ग, नाम पृथक कराने और खेतों का अलग चक दिलाने जैसी समस्याओं को लेकर किसान अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। कई ग्रामीणों का कहना है कि उनके कब्जे वाले खेतों में चक नहीं दिया गया, जबकि दूसरी जगह जमीन आवंटित कर दी गई है। ‘जिस खेत को जोत रहे, उसमें चक नहीं’ थानवापुर गांव के किसान विजय कुमार ने बताया कि वे जिन खेतों को वर्षों से जोत-बो रहे हैं, उनमें उनका चक आवंटित नहीं किया गया। इसके उलट जिन खेतों पर उनका कब्जा ही नहीं है, वहां उनका चक काट दिया गया है। विजय कुमार का कहना है कि इस गड़बड़ी से खेती करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। उनका आरोप है कि चकबंदी लेखपाल विवेक कुमार से तीन बार संपर्क करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। अब वे मुकदमा दायर करने पर विचार कर रहे हैं। राजस्व रिकॉर्ड में कम दर्ज हो गई जमीन वहीं गुलौली गांव के चंद्रभान पुत्र सोम प्रकाश ने बताया कि उनकी जमीन राजस्व अभिलेखों में कम दर्ज हो गई थी। इसकी जानकारी उन्हें नोटिस मिलने के बाद हुई। समस्या के समाधान के लिए उन्हें कई बार चकबंदी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। काफी प्रयासों के बाद अब मामले में कार्रवाई शुरू हुई है। 32 गांवों में चल रहा चकबंदी कार्य आलोक ने बताया कि भोगनीपुर तहसील के 32 गांवों में चकबंदी का कार्य जारी है। अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और किसी को अनावश्यक परेशानी न हो।
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कानपुर देहात में चकबंदी से किसान परेशान:खेत कहीं और, चक कहीं और; शिकायत लेकर दफ्तरों के चक्कर काट रहे ग्रामीण














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