मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना और अखंड ज्योति की स्थापना के साथ इस महासत्याग्रह की शुरुआत हुई।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला में आज (मंगलवार) महासत्याग्रह और ‘महाविजय महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा भोजशाला को लेकर दिए गए ऐतिहासिक फैसले के बाद हिंदू समाज में भारी उत्साह है।
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हाई कोर्ट ने शुक्रवार को भोजशाला को मंदिर माना था, जिसके बाद शनिवार को ASI ने एक नया आदेश जारी कर हिंदू समाज को साल के 365 दिन यहां पूजन करने का अधिकार दे दिया। इस फैसले के बाद सोमवार सुबह से लेकर शाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
भोज उत्सव समिति द्वारा भक्तों को भोजशाला के प्राचीन स्तंभों और शिलालेखों की विस्तृत जानकारी दी गई। श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक क्षण को सेल्फी लेकर अपने मोबाइल में कैद किया। धार के अलावा अन्य जिलों से भी लोग दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं।
लंदन से मूल प्रतिमा लाने की उठी मांग भोजशाला पहुंच रहे श्रद्धालुओं की जुबां पर बस एक ही बात है कि मां वाग्देवी की आत्मा तो यहां स्थापित हो चुकी है, अब जल्द ही लंदन से उनकी मूल प्रतिमा को लाकर भी यहां स्थापित किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि रविवार को हिंदू समाज द्वारा भोजशाला में मां वाग्देवी के प्रतिकृति स्वरूप की स्थापना कर पूरे दिन अनुष्ठान किए गए थे। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब पूरे 24 घंटे तक मां का स्वरूप भोजशाला में विराजमान रहा और अखंड ज्योति प्रज्वलित रही। अब समाज द्वारा प्रतिदिन यहां मां का पूजन किया जाएगा।
घर से आतिशबाजी लेकर पहुंचेंगे श्रद्धालु भोज उत्सव समिति के गोपाल शर्मा ने बताया कि प्रति मंगलवार भोजशाला में सत्याग्रह होता है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद यह पहला मंगलवार है, इसलिए इसे ‘महासत्याग्रह’ के रूप में मनाया जा रहा है।
समिति ने बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोगों से इस महासत्याग्रह में शामिल होने का आह्वान किया है। सत्याग्रह के पश्चात अखंड ज्योति मंदिर पर आतिशबाजी कर विजय महोत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है। इस उत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए समाज के लोग अपने-अपने घरों से पटाखे लेकर पहुंचेंगे।
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