भोपाल
मध्य प्रदेश सरकार ने डिजिटल सेवाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं और पर्यावरण सुधार से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. कैबिनेट ने प्रदेश के स्टेट डेटा सेंटर के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 800 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इस परियोजना के तहत डेटा सेंटर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के अनुसार तैयार किया जाएगा. इसमें 630 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर पर और 170 करोड़ रुपये संचालन पर खर्च किए जाएंगे।
सरकार के मुताबिक, डेटा सेंटर के अपग्रेड होने के बाद लोगों को सरकारी ऑनलाइन सर्विस 24 घंटे तेज, सुरक्षित और बिना रुकावट के मिल सकेंगी. इसके अलावा 75 करोड़ रुपये के एकल नागरिक डेटाबेस प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई है. इसके लागू होने के बाद लोगों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ेगा. एक ही डेटाबेस के जरिए पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
एक्सपर्ट डॉक्टरों की सीधी भर्ती
कैबिनेट ने सरकारी अस्पतालों में एक्सपर्ट डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव को भी मंजूरी दी है. अब एक्सपर्ट डॉक्टरों की नियुक्ति एमपी-पीएससी के बजाय विभागीय स्तर पर की जाएगी. हर महीने खाली पदों की जानकारी जारी की जाएगी और आवेदन के साथ-साथ इंटरव्यू के आधार पर डॉक्टरों का चुनाव होगा।
नियुक्त डॉक्टरों को तीन साल तक उसी अस्पताल में सेवा देनी होगी और इस दौरान उनका ट्रांसफर नहीं किया जाएगा. यह व्यवस्था फिलहाल एक साल के लिए लागू की जाएगी. सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि प्रदेश में एक्सपर्ट डॉक्टरों के काफी पद खाली हैं और एमपी-पीएससी प्रोसेस में देरी के कारण भर्ती पूरी नहीं हो पा रही थी।
65 शहरों में बनेंगे अर्बन फॉरेस्ट
पर्यावरण सुधार के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये की नमो हरित नगर योजना को मंजूरी दी है. इसके तहत साल 2031 तक प्रदेश के 65 नगरीय निकायों में अर्बन फॉरेस्ट विकसित किए जाएंगे. करीब 1911 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में पौधारोपण किया जाएगा।
इस योजना के लिए हर साल 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. भोपाल समेत पांच बड़े शहरों को 5-5 करोड़ रुपये, नगर निगमों को 1.20 करोड़ रुपये और नगर परिषदों को 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे।
केन-बेतवा परियोजना प्रभावितों को बढ़ा मुआवजा
सरकार ने पन्ना जिले की केन-बेतवा, रूंज और मझगांव सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए 202.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है. अब प्रभावित परिवारों को मिलने वाला मुआवजा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 12.50 लाख रुपये कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि इससे विस्थापित परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी।















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