कहानी के माध्यम से कठिन विषयों को भी सरल, रोचक और यादगार बनाया जा सकता है : आकाश



भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा शहर के टंडवा नारायणपुर स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित कपैसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत रिसोर्स पर्सन चिन्नसू सिंह, राहुल कुमार सिंह, विद्यालय के निदेशक अनूप सोनी, सचिव आलोक सोनी,नप्रबंधन समिति के सदस्य धीरज राज, सोनू कुमार एवं कार्यक्रम के वेन्यू डायरेक्टर आकाश कुमार के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा सरस्वती पूजन के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में गढ़वा के दूसरे विद्यालय से भी प्रशिक्षु भी आये हुए थे। कार्यक्रम का विषय : शिक्षण की पद्धति के रूप में कहानी कहना या कहानी-कथन आधारित शिक्षण (स्टोरी टेलिंग एस पेडागोजी) था। जिसमें विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मौके पर लोगों ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को नई एवं प्रभावी शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना है। ताकि कहानी के माध्यम से विद्यार्थियों को सरल एवं रोचक तरीके से शिक्षा दी जा सके। कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चला। यह प्रशिक्षण अत्यंत ही प्रभावशाली एवं लाभप्रद रहा। इस अवसर पर सीबीएसई के रिसोर्स पर्सन चिन्नसू सिंह एवं राहुल कुमार सिंह ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान शिक्षण को अधिक रचनात्मक और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम के वेन्यू डायरेक्टर आकाश कुमार ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। मौके पर विद्यालय प्रबंधन के लोगों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारा प्रयास है कि हम बेहतर से बेहतर ढंग से शिक्षकों को प्रशिक्षित कराएं। ताकि वे बच्चों को समुचित और बेहतर तरीके से पढ़ा सके और उनका भविष्य उज्जवल बना सके। कार्यक्रम में ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के निदेशक अनूप सोनी ने कहा कि कहानियां बच्चों के मन को सहज रूप से आकर्षित करती हैं। जब शिक्षण में कहानी-कथन की विधि अपनाई जाती है तो बच्चे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि आनंद के रूप में ग्रहण करते हैं। वेन्यू डायरेक्टर आकाश कुमार ने कहा कि कहानी के माध्यम से कठिन विषयों को भी सरल, रोचक और यादगार बनाया जा सकता है। इससे बच्चों की कल्पनाशक्ति, भाषा कौशल, रचनात्मकता तथा नैतिक मूल्यों का विकास होता है। वहीं विद्यालय के सचिव आलोक सोनी ने अपने सम्बोधन में बताया कि कहानी कहना या कहानी-कथन आधारित शिक्षण (स्टोरी टेलिंग एस पेडागोजी) शिक्षण की एक प्रभावी पद्धति है। जो विद्यार्थियों को सीखने के प्रति प्रेरित करती है। वहीं कक्षा शिक्षण को जीवंत बना देती है। कार्यक्रम के अंत में कई विद्यालय से आये प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।



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