जयपुर के त्रिपोलिया बाजार में भीषण आग, 25 दुकानें चपेट में; 30 दमकलों ने पाया काबू

  जयपुर
जयपुर के त्रिपोलिया बाजार स्थित मणिहारों का कटला के तीन मंजिला सेठी कॉम्प्लेक्स में गुरुवार सुबह 7 बजे भीषण आग लग गई। दूसरी मंजिल पर चूड़ियों के गोदाम में शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग ने धीरे-धीरे 25 दुकानों को चपेट में ले लिया। इनमें कपड़ों के गोदाम, प्लास्टिक सामान, कॉस्मेटिक और चूड़ियों की दुकानें थीं।

बता दें कि सुबह 8 बजे दमकल पहुंची। 30 फायर ब्रिगेड और करीब 50 कर्मचारियों ने दोपहर 2:30 बजे आग पर काबू पाया। इस दौरान इलाके की बिजली बंद कर दी गई और आसपास की दुकानें बंद रहीं। बिल्डिंग में रखे पांच कॉमर्शियल LPG सिलेंडरों को फायरमैन ने तुरंत बाहर निकाला। बिल्डिंग मालिक आनंद सेठी हैं। आग के दौरान फायर सेफ्टी उपकरण बंद मिले। धुएं के कारण सुभाष चौक से चांदपोल तक लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन हुई।

चूड़ी के गोदाम से शुरू हुई आग
माणक चौक थाना अधिकारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि शुरुआती जांच में आग शॉर्ट सर्किट से लगने की बात सामने आई है। यहां ज्यादातर कपड़े और मणिहारी सामान की दुकानें हैं। बरामदों में रखा सामान भी आग की चपेट में आया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि दुकान मालिक के पास फायर एनओसी थी या नहीं।

प्रत्यक्षदर्शी गार्ड विक्रम सिंह ने बताया कि छोटू भाई के चूड़ियों और मणिहारी सामान के गोदाम में आग लगी थी। उस समय वह तीन सफाईकर्मियों के साथ वहां मौजूद था। आग बढ़ने पर सभी ने बाहर निकलकर जान बचाई। विक्रम के मुताबिक, गोदाम का ताला तोड़कर शटर ऊंचा करके बाहर निकलना पड़ा। शटर गर्म होने के कारण उसका हाथ भी जल गया। गार्ड ने बताया कि गोदाम के बाहर बरामदे में भी बड़ी मात्रा में सामान रखा हुआ था। आग फैलने के बाद यह सामान भी चपेट में आ गया और आग ने आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।

चांदपोल तक फैला धुएं का गुबार
आग लगने के बाद सेठी कॉम्प्लेक्स से उठने वाला धुआं आसपास के बड़े इलाके में फैल गया। धुएं का गुबार सुभाष चौक से चांदपोल तक दिखाई दिया। इससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी हुई। कई लोगों ने सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत की। एहतियात के तौर पर इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। आग के कारण पुरोहित जी कटला में भी दुकानें नहीं खुलने दी गईं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए गेट पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।

फायर सेफ्टी सिस्टम बंद होने का आरोप
आग के बाद सेठी कॉम्प्लेक्स में लगे फायर सेफ्टी उपकरणों को लेकर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के लिए लगाए गए उपकरण बंद पड़े हैं। किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने मौके पर पहुंचकर कहा कि परकोटे में फायर एनओसी की दोबारा जांच होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की देखरेख में अवैध कब्जे हो रहे हैं और इससे जयपुर के हेरिटेज स्वरूप को नुकसान पहुंच रहा है। कागजी ने कहा कि प्रशासन ने करीब पौने तीन साल में एक बार भी फायर सिस्टम की जांच नहीं की।

उन्होंने कहा कि नगर निगम की कार्यशैली चिंता का विषय है। उनके मुताबिक, परकोटे में कई जगह फायर एनओसी दिए जाने को लेकर सवाल हैं और सरकार को इनकी दोबारा जांच करानी चाहिए।

जयपुर सांसद ने लिया घटनास्थल का जायजा
जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने भी बड़ी चौपड़ स्थित पुरोहित जी के कटला में कई दुकानों में आग लगने की सूचना प्राप्त होने पर मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं नागरिकों से घटना की जानकारी ली एवं राहत संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अवैध रेस्टोरेंट-होटल बनाने का आरोप
स्थानीय व्यापारी अनीस चंदवानी ने सेठी कॉम्प्लेक्स के मालिक आनंद सेठी पर बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में कथित तौर पर अवैध रेस्टोरेंट और होटल का निर्माण कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसके लिए सुबह के समय वेल्डिंग का काम भी किया जाता है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने पहले भी इसका विरोध किया है।

व्यापारी ने आशंका जताई कि वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से नीचे दुकानों में रखे सामान में आग लगी हो सकती है। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। वेल्डिंग से आग लगने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

विधायक बालमुकुंद ने पिछली सरकार पर उठाए सवाल
हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि यहां अवैध रूप से होटल का निर्माण किया जा रहा है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने बिना उचित जांच के फायर एनओसी जारी की, उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए।

फायर सिस्टम फेल होने के बावजूद एनओसी दिए जाने के सवाल पर आचार्य ने पिछली कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपए दिए गए थे। उस समय कांग्रेस की सरकार और कांग्रेस का नगर निगम था। उन्होंने उस दौरान अधिकारियों की ओर से राशि के इस्तेमाल की जांच की मांग की।

18 दुकानों की आग पर काबू
सिविल डिफेंस टीम के कर्मचारी राकेश सेन ने बताया कि सभी दुकानों के शटर तोड़ दिए गए हैं। बरामदों में रखा सामान भी हटाया गया है, ताकि आग बुझाने में आसानी हो। उन्होंने बताया कि चूड़ी, कार्टन और अन्य ज्वलनशील सामान अधिक मात्रा में होने के कारण आग पर पूरी तरह काबू पाने में समय लग रहा है।

फिलहाल दमकल की करीब 22 गाड़ियां मौके पर आग बुझाने में जुटी हैं। करीब 18 दुकानों की आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि दो दुकानों में आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास जारी हैं। पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। आग पूरी तरह बुझने के बाद नुकसान और आग के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।

 

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