प्रयागराज37 मिनट पहले
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में पवित्र गंगा नदी में इफ्तार पार्टी आयोजित करने, मांसाहारी भोजन खाने और हड्डियां व खाने का कचरा नदी में फेंकने के छह अन्य आरोपियों दानिश सैफी, नूर इस्लाम, आमिर कैफ़ी, महफूज आलम, मोहम्मद अहमद एवं मोहम्मद अव्वल की जमानत मंजूर कर ली।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ल ने इसी अपराध में आठ आरोपियों की जमानत होने पर उन्हीं शर्तों के साथ दिया है।
इससे पहले गत 15 मई को कुछ आरोपियों को जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा था कि आरोपियों ने अपने प्रार्थना पत्र में उनके द्वारा किए गए कृत्यों के लिए माफी मांगी है। याचियों ने कहा था कि वे और उनके परिवार सामाजिक स्तर पर जो लगे आरोपों के लिए सभी से ईमानदारी से खेद व्यक्त करते हैं और पीड़ा महसूस करते हैं।
अपने कृत्यों के लिए खेद जताया
कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के हलफनामे के पैरा 14 में किए गए कथन दर्शाते हैं कि वे अपने कृत्यों के लिए खेद व्यक्त कर रहे हैं और उनके परिवारों को भी समाज को हुई पीड़ा पर खेद है। कोर्ट यह भी समझती है कि आपराधिक मामले में अभियोजन का सामना करते समय, जेल में बंद व्यक्ति की ओर से हलफनामा देने वाले व्यक्ति द्वारा अपराध की स्पष्ट स्वीकृति नहीं की जा सकती और जमानत देते समय अपराध की स्वीकृति आवश्यक नहीं है।
अपर महाधिवक्ता की मांग ठुकराई
आरोपियों को जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा था कि अपर महाधिवक्ता की यह आशंका कि इफ्तार पार्टी का आयोजन, वीडियो का अपलोड होना और धार्मिक विद्वेष पैदा करने के लिए उसका इस्तेमाल एक बड़ी साजिश का हिस्सा है, कोर्ट की राय में जांच बाधित नहीं होगी और आरोपियों को जेल में आगे हिरासत में रखे बिना भी उक्त जांच जारी रह सकती है। गत 17 मार्च से जेल में बंद आरोपियों ने खेद व्यक्त किया है और भविष्य में ऐसा कोई कृत्य न करने का वचन भी दिया है।
कोर्ट ने कहा कि मामले के तथ्यों व परिस्थितियों, आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि न होने, पहले से भुगती गई हिरासत की अवधि और उनके द्वारा मांगी गई माफी को ध्यान में रखते हुए प्रथमदृष्टया जमानत का मामला बनता है।

28 अप्रैल को पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था।
क्या है मामला जानिये
मामले के तथ्यों के अनुसार वाराणसी के कोतवाली थाने में 16 मार्च को भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रजत जायसवाल ने इस घटना को लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी। 15 मार्च को गंगा में नाव पर रोजा इफ्तार करने वाले लोगों पर स्थानीय भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ता रजत जायसवाल ने मांस खाने और नीचे नदी में कचरा फेंकने का आरोप लगाया था। उनके अनुसार आरोपियों के कृत्य से समुदाय विशेष की भावनाएं आहत हुईं। इसके बाद आरोपियों गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की पूजा स्थल को अपवित्र करने, धार्मिक भावनाएं आहत करने व बाद में वसूली से संबंधित कई धाराएं लगाईं।
नाविक का अपहरण कर नाव हाईजैक की थी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में गंगा नदी में इफ्तार पार्टी और मांसाहार के अवशेष नदी में फेंकने के मामले में 28 अप्रैल को सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि 15 मार्च को रोजेदारों ने नाविक का अपहरण कर नाव हाईजैक कर ली थी। इसके बाद बीच गंगा में इफ्तार पार्टी की गई।
पुलिस के मुताबिक, युवकों ने नाविक को धमकाकर नाव चलवाई। पार्टी के दौरान भी नाविक ने रोक-टोक की, लेकिन युवकों ने उसकी बात नहीं सुनी। इस इफ्तार पार्टी के फोटो-वीडियो बनाने का मतलब बनारस ही नहीं, देश-दुनिया को नया संदेश देना था। इससे पहले काशी में ऐसा रोजा इफ्तार कभी नहीं किया गया।
वीडियो रील में पहले मस्जिद को दिखाया गया। इसके बाद गंगा और नाव पर सजे दस्तरखान को कई एंगल से शूट किया गया। बिरयानी के अलग वीडियो भी बनाए गए। पुलिस ने खुद को ताकतवर दिखाने की बात भी कही।
इससे पहले 17 अप्रैल को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया था।

यह वीडियो भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष ने पुलिस को सौंपा था। इसमें नाव पर इफ्तार पार्टी होती दिख रही थी।

इफ्तार पार्टी के दौरान युवक कोल्ड ड्रिंक पीने और फल भी खाते दिखे थे।
अब पूरा मामला पढ़िए…
काशी में सोमवार (16 मार्च) को गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी की गई थी। इसमें आयोजकों ने रोजेदारों को फल और मेवे के साथ चिकन बिरयानी भी परोसी थी। इफ्तार पार्टी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था।
वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने लगा, तो हिंदूवादी संगठनों की नजर पड़ी। वीडियो में चिकन बिरयानी की बात सामने आते ही भाजपा और हिंदूवादी संगठन भड़क गए। भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसके 8 घंटे के भीतर पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

मदनपुरा के ताड़तल्ला के रहने वाले हैं सभी 14 युवक नाव पर इफ्तार पार्टी के दौरान बिरयानी परोसने वाले सभी युवक मदनपुरा इलाके के ताड़तल्ला के रहने वाले हैं। सभी एक ही खानदान के हैं। बाबू बीड़ी वाले के नाम से मशहूर घराने से कई युवक हैं। इनमें मोहम्मद अव्वल, मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद, नूर इस्लाम और मोहम्मद फैजान एक ही घर के रहने वाले हैं।
इन सब के साथ एक ही घर के आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, महफूज आलम और नेहाल अफरीदी के अलावा मोहम्मद अहमद, मोहम्मद तौसीफ, आमिर कैफी, मोहम्मद अनस और दानिश सैफी घाट पहुंचे थे। फिर नाव में इफ्तार पार्टी हुई थी। सभी की उम्र 19 से 25 साल के बीच है।
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काशी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी की गई। सोमवार को हुई इस पार्टी में आयोजकों ने रोजेदारों को फल और मेवे के साथ चिकन बिरयानी भी परोसी। साथ ही इफ्तार पार्टी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। जल्द ही वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने लगा। पूरी खबर पढ़ें…















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