महतारी वंदन और सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ लेकर अनीता ने पेश की आर्थिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण की मिसाल
रायपुर
हर मां की ख्वाहिश होती है कि उसकी बेटी अच्छी शिक्षा प्राप्त करे, आत्मनिर्भर बने और अपने सपनों को साकार करे। बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बड़ी रकम से ज्यादा जरूरी है समय रहते बचत की शुरुआत करना। इसी सोच को अपने जीवन में उतार रही हैं सरगुजा जिले की श्रीमती अनीता सिंह। वे महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की पूरी राशि अपनी बेटी समीक्षा सिंह के नाम पर खोले गए सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं। इस तरह शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता को उन्होंने बेटी की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए नियमित बचत का माध्यम बना लिया है।
अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कृष्णापुर निवासी अनीता सिंह की यह पहल महिला आर्थिक सशक्तिकरण और बेटियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति जागरूकता का प्रेरक उदाहरण है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि को वे दैनिक खर्चों में उपयोग करने के बजाय बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित रख रही हैं। प्रतिमाह एक हजार रुपये की इस बचत से एक वर्ष में 12 हजार रुपये जमा होंगे, जो आने वाले समय में समीक्षा की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक हो सकते हैं।
महतारी वंदन की राशि बनी बेटी के भविष्य की पूंजी
अनीता सिंह बताती हैं कि उन्होंने अपनी बेटी समीक्षा सिंह के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खुलवाया है। महतारी वंदन योजना से उनके बैंक खाते में प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त होती है। इस पूरी राशि को वे नियमित रूप से बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर देती हैं।
उनका कहना है कि बेटी की अच्छी शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए अभी से आर्थिक तैयारी करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को बचत में बदलने का निर्णय लिया।
अनीता का मानना है कि छोटी-छोटी राशि को नियमित रूप से जमा करने से भविष्य में एक अच्छी पूंजी तैयार की जा सकती है। इससे बेटी की उच्च शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहारा मिलेगा।
हर महीने एक हजार रुपये की बचत, सालभर में 12 हजार रुपये का संचय
अनीता सिंह की बचत की यह पहल आर्थिक नियोजन का भी उदाहरण है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक राशि को वे सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं।
इस तरह नियमित बचत जारी रखने पर एक वर्ष में 12 हजार रुपये की मूल राशि जमा होगी। सुकन्या समृद्धि योजना के प्रावधानों के अनुसार जमा राशि पर निर्धारित ब्याज का लाभ भी मिलता है, जिससे समय के साथ बचत में वृद्धि हो सकती है।
अनीता बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता के कारण उन्हें बेटी के लिए बचत करने में सुविधा हो रही है। इस राशि को वे समीक्षा की आगे की पढ़ाई और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए सुरक्षित रखना चाहती हैं।
दो योजनाओं को जोड़कर बेटी की शिक्षा के लिए कर रहीं आर्थिक तैयारी
अनीता सिंह ने महतारी वंदन योजना और सुकन्या समृद्धि योजना का उपयोग एक-दूसरे के पूरक के रूप में किया है। महतारी वंदन योजना से उन्हें हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त होती है, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना में वे इस राशि को बेटी के भविष्य के लिए जमा कर रही हैं।
इस प्रकार एक योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता दूसरी योजना के माध्यम से दीर्घकालिक बचत का आधार बन रही है। अनीता का यह प्रयास दर्शाता है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली सहायता का सुनियोजित उपयोग कर परिवार की भविष्य की जरूरतों के लिए आर्थिक तैयारी की जा सकती है।
बेटी की अच्छी शिक्षा और आत्मनिर्भरता ही मां का सपना
अनीता सिंह चाहती हैं कि उनकी बेटी समीक्षा अच्छी शिक्षा प्राप्त करे और जीवन में आगे बढ़े। वे अपनी बेटी के भविष्य को लेकर अभी से सजग हैं और नियमित बचत के माध्यम से उसकी शिक्षा के लिए आर्थिक आधार तैयार कर रही हैं।
उनका कहना है कि बच्चों की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए समय रहते बचत करना आवश्यक है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। अनीता के लिए हर महीने जमा किए जाने वाले एक हजार रुपये केवल बचत की राशि नहीं, बल्कि बेटी के सपनों को पूरा करने की दिशा में किया गया एक प्रयास है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
महतारी वंदन और सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ मिलने पर अनीता सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। इस राशि का उपयोग वे अपनी बेटी समीक्षा के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करने के लिए कर रही हैं।
अनीता ने बताया कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें बेटी के भविष्य के लिए नियमित बचत करने का अवसर दिया है। इससे वे उसकी शिक्षा और आगे की जरूरतों के लिए आर्थिक तैयारी कर पा रही हैं।
छोटी बचत से बड़े सपनों को संबल, अनीता की पहल बनी प्रेरणा
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत अनीता सिंह की कहानी यह संदेश देती है कि आर्थिक सहायता का सही नियोजन परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।















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