दुर्ग.
जिले में रिश्वत मांगने के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में आरोपी पक्ष से कथित रूप से पैसों की मांग करने के आरोप में दो सब इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया है।
निलंबित अधिकारियों में पुरानी भिलाई थाना में पदस्थ एसआई तुलसीराम साहू और खुर्सीपार थाना में पदस्थ एसआई देव लाल साहू शामिल हैं। दोनों को निलंबित कर रक्षित केंद्र दुर्ग अटैच किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें तीन दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला को छोड़ने के बदले मांगे थे 50 हजार रुपए
जानकारी के अनुसार पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में एसआई तुलसीराम साहू ने रज्जी कौर नामक महिला को 5.80 ग्राम चिट्टा (मादक पदार्थ) के साथ गिरफ्तार किया था। आरोप है कि महिला को छोड़ने के एवज में उसकी बेटी से 50 हजार रुपए की मांग की गई थी। महिला की बेटी जसबीर का आरोप है कि उसने पहली बार में 20 हजार रुपए देने की बात स्वीकार की थी और राशि भी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद भी पैसों की मांग जारी रही। इसी दौरान हुई बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड हो गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
ऑडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई
ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में ऑडियो को गंभीर मानते हुए एसएसपी विजय अग्रवाल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसआई तुलसीराम साहू और उनके सहयोगी बताए जा रहे खुर्सीपार थाना में पदस्थ एसआई देव लाल साहू को निलंबित कर दिया। दुर्ग शहर एएसपी सुखनंद राठौर ने बताया कि पुरानी भिलाई थाना में दर्ज एनडीपीएस प्रकरण से जुड़े मामले में आरोपी पक्ष से कथित रूप से पैसों की मांग का ऑडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। शुरुआती जांच में वायरल ऑडियो के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विभागीय नियमों के विपरीत आचरण पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
साइबर क्राइम कर्मियों पर भी लगाए आरोप
आरोपी महिला की बेटी जसबीर ने यह भी आरोप लगाया है कि साइबर क्राइम से जुड़े कुछ लोगों ने भी उससे 2 लाख रुपए की मांग की थी। उसने दावा किया कि एसआई के साथ हुई बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग उसके पास सुरक्षित है। जसबीर ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि जब्ती, गिरफ्तारी और पूछताछ से जुड़े सभी स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए। उसका आरोप है कि बरामद किए गए चिट्टे की मात्रा वास्तविक मात्रा से अधिक दर्शाई गई है।
तीन दिन में सौंपी जाएगी जांच रिपोर्ट
दुर्ग पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। छावनी नगर पुलिस अधीक्षक प्रशांत पैकरा को तीन दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















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