पंजाब में नशा तस्करी पर शिकंजा, 35 स्पेशल कोर्ट को मंजूरी

चंडीगढ़.

पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है। शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित इस बैठक में नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज करने, सड़क निर्माण के लिए बजट बढ़ाने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खोलने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

इनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला राज्य में 35 नई विशेष NDPS अदालतें स्थापित करने का है। सरकार का कहना है कि इन अदालतों के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा किया जा सकेगा। इसके अलावा सड़क निर्माण और मरम्मत के बजट को बढ़ाकर 1,333.43 करोड़ रुपये कर दिया गया है। भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) में पंजाब के लिए अलग कैडर के सेवा नियमों को भी मंजूरी दी गई है। इन फैसलों की जानकारी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। इन Punjab Cabinet Decisions को राज्य में बुनियादी ढांचे, रोजगार और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नशे के मामलों के निपटारे के लिए बनेंगी 35 विशेष अदालतें
पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी कार्रवाई को मजबूत करने के लिए 35 विशेष NDPS (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) अदालतें स्थापित करने का फैसला किया है। इन अदालतों का मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी और इससे जुड़े अपराधों के मामलों की सुनवाई में तेजी लाना है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में हर साल करीब 20 हजार NDPS मामले दर्ज होते हैं और लगभग 27 हजार गिरफ्तारियां होती हैं। इसके बावजूद अदालतों में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। 31 अगस्त 2026 तक राज्य में NDPS से जुड़े 52,577 मामले लंबित थे। मौजूदा व्यवस्था में हर साल लगभग 5,700 मामलों का ही निपटारा हो पा रहा है। इस कारण किसी मामले के अंतिम फैसले तक पहुंचने में औसतन आठ साल लग रहे हैं। इसी समस्या को देखते हुए पंजाब कैबिनेट ने पहले चरण में 35 विशेष अदालतें बनाने की मंजूरी दी है। इन अदालतों के संचालन के लिए कुल 385 पद भी स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 35 अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, 315 सहायक कर्मचारी और 35 सहायक जिला अटॉर्नी शामिल हैं। इस पूरी व्यवस्था पर लगभग 75 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार को उम्मीद है कि अलग अदालतें बनने से लंबित मामलों का बोझ कम होगा और नशे की तस्करी में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई समय पर पूरी हो सकेगी।

सड़क निर्माण का बजट बढ़ाकर 1,333 करोड़ रुपये किया
Punjab Cabinet Decisions में दूसरा बड़ा फैसला सड़क निर्माण और मरम्मत के बजट से जुड़ा है। राज्य में सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और नवीनीकरण के काम को गति देने के लिए सरकार ने बजट बढ़ाने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमेन यानी तारकोल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कई परियोजनाओं पर असर पड़ रहा था। निर्माण सामग्री महंगी होने से ठेकेदारों ने भी बजट में संशोधन की मांग की थी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के लिए निर्धारित बजट को 1,095 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,333.43 करोड़ रुपये कर दिया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लागत बढ़ने के कारण राज्य में चल रहे विकास कार्य बीच में न रुकें। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में लगभग 45,000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण और नवीनीकरण का लक्ष्य रखा है। बजट में बढ़ोतरी से इस योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क से ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है।

BBMB में पंजाब के लिए 2,452 पदों का रास्ता साफ
कैबिनेट ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) में पंजाब के कर्मचारियों के लिए अलग कैडर से जुड़े विभागीय सेवा नियमों को भी मंजूरी दे दी है। इस फैसले को राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, BBMB में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों की भागीदारी है। बोर्ड में अलग-अलग पदों पर संबंधित राज्यों के कर्मचारी नियुक्त किए जाते हैं। पंजाब का आरोप रहा है कि उसके हिस्से के कई पद लंबे समय तक खाली रहने के कारण दूसरे राज्यों के कर्मचारियों की नियुक्ति हो जाती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए पंजाब सरकार ने पहले 2,452 पदों का अलग कैडर बनाने का फैसला किया था। अब विभागीय सेवा नियमों को मंजूरी मिलने के बाद इन पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का मानना है कि इससे BBMB में पंजाब की भागीदारी मजबूत होगी और राज्य के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

डेरा बस्सी के पास बनेगा कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट
पंजाब सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए भी एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। कैबिनेट ने मोहाली (SAS नगर) के पास समगौली गांव में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए HPCL Renewable and Green Energy Limited को 39 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी। इस प्लांट में गीले कचरे का इस्तेमाल करके बायोगैस तैयार की जाएगी। सरकार का उद्देश्य शहरी कचरे के निपटारे की समस्या को कम करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देना है। इससे कचरे के प्रबंधन में सुधार और पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

पटवारियों और कानूनगो के कैडर में होगा बदलाव
पंजाब कैबिनेट ने राजस्व विभाग के पटवारियों और कानूनगो से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला भी लिया है। सरकार ने इनके पदों को दोबारा जिला स्तर के कैडर में बहाल करने के लिए सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। इस बदलाव के बाद पटवारियों और कानूनगो की नियुक्ति से जुड़े अधिकार जिला स्तर पर कलेक्टर के पास होंगे। इसके साथ ही उनकी वरिष्ठता सूची भी संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा तैयार और रखी जाएगी। इस फैसले से जिला स्तर पर प्रशासनिक कामकाज में सुधार आने की उम्मीद है। साथ ही कर्मचारियों की नियुक्ति और उनके सेवा संबंधी मामलों को स्थानीय स्तर पर व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।

लेहरा गागा में बनेगी नई अनाज मंडी
किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने संगरूर जिले के लेहरा गागा क्षेत्र में नई अनाज मंडी बनाने का फैसला किया है। इसके लिए खंडेबाद गांव में 217 कनाल और 14 मरले सरकारी जमीन पंजाब मंडी बोर्ड को हस्तांतरित की जाएगी। इस जमीन का हस्तांतरण 15 लाख रुपये प्रति एकड़ के कलेक्टर रेट पर किया जाएगा। इसके लिए कुल 4.08 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। सरकार के अनुसार, मौजूदा अनाज मंडी करीब 40 साल पुरानी है और शहर के बीच स्थित होने के कारण किसानों तथा आढ़तियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई मंडी बनने से किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे मंडी व्यवस्था और कृषि व्यापार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

पंजाब में लागू होंगे नए लेबर कोड के नियम
कैबिनेट बैठक में श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े तीन महत्वपूर्ण नियमों को भी मंजूरी दी गई है। इनमें Code on Wages (Punjab) Rules, 2026, Punjab Occupational Safety, Health and Working Conditions Rules, 2026 और Punjab Social Security Rules, 2026 शामिल हैं। इन नियमों का उद्देश्य राज्य में श्रमिकों के वेतन, कार्यस्थल पर सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को लागू करने के लिए जरूरी प्रशासनिक ढांचा तैयार करना है। इससे श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और कामकाजी परिस्थितियों को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

AAP की उम्मीदवार सूची पर हरपाल चीमा ने क्या कहा?
कैबिनेट बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से आम आदमी पार्टी की पहली उम्मीदवार सूची को लेकर भी सवाल पूछे गए। दरअसल, AAP ने 31 अक्टूबर को पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत कई मौजूदा विधायकों को टिकट दिया गया है, लेकिन हरपाल सिंह चीमा और कुछ अन्य कैबिनेट मंत्रियों के नाम शामिल नहीं हैं। इस पर जवाब देते हुए चीमा ने कहा कि पार्टी के उम्मीदवारों का चयन सर्वे और जनता से मिले फीडबैक के आधार पर किया गया है। पहली सूची में नाम नहीं आने का मतलब यह नहीं है कि किसी मंत्री का टिकट कट गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की अगली सूचियों में बाकी विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी।

2027 चुनाव से पहले AAP सरकार के लिए अहम होंगे ये फैसले
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए भगवंत मान सरकार के इन फैसलों को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों नजरियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ सरकार नशे के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने के लिए विशेष अदालतें बना रही है, तो दूसरी तरफ सड़क निर्माण, रोजगार, कृषि सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दे रही है। हालांकि, इन Punjab Cabinet Decisions का वास्तविक असर इनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। विशेष अदालतों के शुरू होने, BBMB में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने और सड़क निर्माण परियोजनाओं के पूरा होने से ही इन घोषणाओं के नतीजे सामने आएंगे। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन योजनाओं को कितनी तेजी से जमीन पर उतार पाती है। खासकर पंजाब में नशे की समस्या और लंबित NDPS मामलों का समाधान आगामी चुनाव में भी एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। पंजाब कैबिनेट की इस बैठक में 35 विशेष NDPS अदालतों, सड़क बजट में बढ़ोतरी, BBMB में रोजगार, नई अनाज मंडी और बायोगैस प्लांट जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। अब इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर राज्य की जनता की नजर रहेगी।

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