Durg Kumhari Cylinder Blast | Gas Leak Tragedy Kills Four


दुर्ग-भिलाई13 मिनट पहले

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हादसे में डेढ़ साल के मासूम की भी हो गई मौत। - Dainik Bhaskar

हादसे में डेढ़ साल के मासूम की भी हो गई मौत।

दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित खपरी गांव में 12 मई को हुए अग्निकांड में मासूम समेत 4 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच के लिए बनाई गई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर अभिजीत सिंह को सौंप दी है।

जांच रिपोर्ट में सामने आया कि घर में रखे गैस सिलेंडर के रेगुलेटर से गैस लीक होने के कारण आग लगी थी। गैस पूरे घर में फैलने के बाद किसी चिंगारी की वजह से झोपड़ी में आग भड़क गई और सिलेंडर ब्लास्ट हो गया।

वहीं घर के अंदर रखी डीजल की एक शीशी ने आग को और तेजी से फैलाने का काम किया। देखते ही देखते करीब 2 मिनट 47 सेकेंड के भीतर झोपड़ी में मौजूद चार लोगों की जान चली गई। जांच में यह भी पता चला कि अनिल वैष्णव 12 मई की सुबह ही सिलेंडर भरवाकर घर लाया था।

इससे पहले कई दिनों तक घर में गैस सिलेंडर नहीं था और परिवार चूल्हे पर खाना बना रहा था। सिलेंडर घर के अंदर रखने के बाद उसके रेगुलेटर से गैस रिसने लगी। आशंका है कि गैस फैलने के बाद किसी तरह चिंगारी उठी, जिससे झोपड़ी में आग लग गई।

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि गैस रिसाव के कारण सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आग लगने से घर में चार लोगों की हुई थी मौत।

आग लगने से घर में चार लोगों की हुई थी मौत।

एक साथ जली थी चार चीताएं।

एक साथ जली थी चार चीताएं।

डीजल की शीशी से और भड़की आग

आग लगने के बाद घर के अंदर रखी डीजल की एक शीशी ने स्थिति को और भयावह बना दिया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक डीजल की वजह से आग तेजी से फैल गई और कुछ ही मिनटों में पूरा घर उसकी चपेट में आ गया।

अंदर मौजूद लोग बाहर निकलने का मौका भी नहीं पा सके। इसी दौरान गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। मामले की जांच के लिए गठित टीम की अध्यक्षता तहसीलदार रवि विश्वकर्मा को सौंपी गई थी।

जांच टीम में जिला सेनानी नगर सेना नागेंद्र सिंह, सीएमओ कुम्हारी नेतराम चंद्राकर, भिलाई-3 थाना टीआई अंबर सिंह, एफएसएल अधिकारी स्मीता भारदीय, मेडिकल ऑफिसर डॉ. अविनाश पाठक और सहायक अभियंता विजय कुमार बंजारे शामिल थे। तहसीलदार रवि विश्वकर्मा ने जांच पूरी कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है।

दोनों बेटियों के साथ नातिन की भी मौत

इस हादसे में अनिल वैष्णव, उसकी दोनों बेटियां लक्ष्मी, चांदनी और दो साल की नातिन गोपिका की जलकर मौत हो गई थी। घटना के बाद दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच कमेटी को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे।

शुरुआत में आशंका जताई जा रही थी कि बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी, लेकिन जांच में इसके कोई ठोस सबूत नहीं मिले। जांच टीम ने बिजली विभाग से जानकारी ली, जिसमें पता चला कि 1 मई से 12 मई के बीच इलाके में बिजली के खंभों से चिंगारी निकलने की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी।

वहीं, घटना स्थल पर मौजूद बिजली उपकरण भी सही हालत में पाए गए। हालांकि आसपास के दो घरों में बिजली बंद होने की शिकायत जरूर सामने आई थी।

सभी पहलुओं की बारीकी से जांच

जांच टीम ने झोपड़ी में मौजूद सामान, ज्वलनशील पदार्थों, मेडिकल रिकॉर्ड, जमीन और मकान से जुड़ी जानकारी सहित परिवार की पूरी पृष्ठभूमि की जांच की। इसके अलावा आसपास रहने वाले लोगों और घटना के समय मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए गए।

जांच टीम के मुताबिक आग की तीव्रता के कारण कई अहम सबूत नष्ट हो गए। मौके से राख के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं, हालांकि उनकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि परिवार का किसी से कोई विवाद या झगड़ा नहीं था और न ही किसी प्रकार का आपराधिक रिकॉर्ड मिला। अनिल के बेटे ने अपने बयान में बताया कि करीब 1 महीने पहले वह डीजल से भरी एक शीशी घर लाया था, जो घटना के समय घर में रखी हुई थी।

उसने बताया कि घर से धुआं उठता देख वह बाहर निकला और दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें तेज होने के कारण वह घबरा गया और मदद बुलाने के लिए दौड़ पड़ा। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई है।

बेटी का इलाज कराने पिता ने भेजा था नानी घर

इस अग्निकांड में जान गंवाने वाली दो साल की मासूम गोपिका कुछ महीने पहले ही कुम्हारी आई थी। 3 साल पहले महासमुंद निवासी नंदकिशोर की शादी भारती से हुई थी। उनकी बेटी गोपिका की आंखों में सफेद दाग की समस्या थी, जिसका इलाज रायपुर एम्स में कराया जाना था। बेहतर इलाज के लिए पिता ने बेटी को नानी के घर भेजा था।

हादसे वाले दिन गोपिका के पिता नंदकिशोर वैष्णव अपनी पत्नी भारती और बेटी गोपिका से मिलकर रायपुर के लिए निकले थे। टाटीबंध स्थित एक संस्थान में नौकरी करने वाले नंदकिशोर वेतन लेने गए थे, ताकि बेटी का इलाज एम्स में करा सकें। आर्थिक तंगी के कारण वे इस महीने बेटी का इलाज नहीं करा पा रहे थे।

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि गैस रिसाव के कारण सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने पूरे मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगी। पढ़ें पूरी खबर…

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