सीहोर
मंगलवार को सीहोर में ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। सुबह 9 बजे सीवन नदी के तट से शुरू होने वाली इस यात्रा में शामिल होने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोमवार से ही सीहोर पहुंचने लगे थे। मंगलवार सुबह 5 बजे से ही सीवन नदी तट और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई।
बड़ी संख्या में कांवड़िए सीवन नदी से जल भरकर कुबेरेश्वरधाम के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि हजारों श्रद्धालु कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आने का इंतजार कर रहे हैं। शहर से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक श्रद्धा, सेवा और सुरक्षा का संगम नजर आ रहा है। भगवा वस्त्रों में सजे कांवड़िए, गूंजते महादेव के जयकारे और जगह-जगह सेवा में जुटे श्रद्धालुओं ने सावन के इस धार्मिक आयोजन को भव्य स्वरूप दे दिया है।
सीहोर में सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वर धाम तक कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। इसमें शामिल होने के लिए महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और यूपी सहित कई राज्यों से श्रद्धालु आए हैं। मध्य प्रदेश के सीहोर में मंगलवार सुबह 9 बजे सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा शुरू हुई। इसमें महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए हैं।
यात्रा में कांवड़िये हर-हर महादेव के जयकारों के साथ कुबेरेश्वर धाम की ओर बढ़ रहे हैं। पूजन-अर्चन के बाद कांवड़िये सीवन नदी के जल से भगवान कुबेरेश्वर महादेव का अभिषेक करेंगे।
पुल पर नलों से जल भरने की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए सीवन नदी के घाट पर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन ने कांवड़ियों के लिए पुल पर नलों से जल भरने की व्यवस्था की है। श्रद्धालु यहीं से कांवड़ में जल भरकर यात्रा में आगे बढ़ रहे हैं।
हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा
25 अगस्त की भव्य कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाने के लिए पूरे 11 किलोमीटर के यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की तैयारी की गई है। सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक कांवड़ियों पर फूल बरसेंगे। आठ भव्य झांकियां और भजन प्रस्तुतियां भी यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।
देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालु
आयोजकों के मुताबिक मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। बढ़ती भीड़ के कारण सीहोर शहर और आसपास के होटल, धर्मशाला तथा होम स्टे भी भर चुके हैं। इससे आयोजन की व्यापकता और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पांच क्विंटल फूलों से सजेगा बाबा का दरबार
कुबेरेश्वरधाम में मंगलवार को भगवान कुबेरेश्वर महादेव का पांच क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। कांवड़िए सीवन नदी से जल लेकर धाम पहुंचेंगे, जिसके बाद पवित्र जल से महादेव का महाभिषेक किया जाएगा। विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे।
देर रात जल भरने के लिए रवाना होंगे
धाम प्रबंधन के अनुसार श्रद्धालु शाम और रात का भोजन करने के बाद देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच सीवन नदी की ओर रवाना होंगे। वहां जल भरने के बाद सुबह 9 बजे कांवड़ यात्रा के रूप में कुबेरेश्वर धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ पैदल यात्रा करेंगे।
100 से ज्यादा सेवा स्टॉल
कांवड़ियों की सुविधा के लिए सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां पेयजल, चाय, नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी और भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। लंबे सफर में जरूरी सहायता के लिए अलग-अलग स्थानों पर सेवा केंद्र तैयार किए जा रहे हैं।
यात्रा की मुख्य विशेषताएं
शृंगार: विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कुबेरेश्वर धाम में बाबा का 5 क्विंटल फूलों से शृंगार किया गया है।
प्रसाद: पं. प्रदीप मिश्रा ने 25 क्विंटल नुक्ती का भोग लगाया। साथ ही धाम परिसर की 2 एकड़ में बनी भोजनशाला से प्रसादी का वितरण जारी है।
सेवा स्टॉल: यात्रा मार्ग पर 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए गए हैं, जहां भोजन, फलाहारी खिचड़ी, नाश्ता और चाय-पानी की नि:शुल्क व्यवस्था है।
गुजरात के 35 सेवादारों का दल भी राहगीरों के लिए पूड़ी-सब्जी तैयार कर रहा है।
सुरक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाएं
1200 से ज्यादा पुलिसकर्मी: सुरक्षा के लिए 1200 से अधिक जवान तैनात हैं। 10 वॉच टावर से निगरानी रखी जा रही है।
डीजे पर प्रतिबंध: कलेक्टर के आदेशानुसार डीजे ले जाने पर मनाही है। नदी तट पर बोट और गोताखोर तैनात हैं।
5 मुख्य मेडिकल पॉइंट: मानक बाग, डी-मार्ट, चौपाल सागर, परमार ढाबा और मोगरा फूल जोड़ पर मेडिकल सहायता उपलब्ध है।
भगवा रंग में रंगा सीवन नदी तट
सीवन नदी तट, नदी चौराहा और सीवन पुल सहित आसपास का क्षेत्र भगवा रंग में रंगा नजर आ रहा है। चारों ओर ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालु सीवन नदी से कांवड़ में पवित्र जल भर रहे हैं।
कांवड़ यात्रा को लेकर सोमवार से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से इंदौर-भोपाल मार्ग पर कई बार जाम जैसी स्थिति बनी। पुलिस और यातायात विभाग के जवानों ने व्यवस्था संभाली। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन सहित अन्य व्यवस्थाएं की हैं।
100 से अधिक स्थानों पर सेवा व्यवस्था
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक पहले करीब 25 स्थानों पर चाय, नाश्ता और पेयजल की सेवा की जाती थी, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए 100 से अधिक स्थानों पर भोजन-प्रसादी और सेवा स्टॉल लगाए गए हैं। यहां चाय, नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी, भोजन और पेयजल की व्यवस्था रहेगी। समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी भी सेवा कार्य में जुटे हैं।
10 से अधिक वाच टावर, 1200 से ज्यादा जवान तैनात
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में 10 से अधिक वाच टावर लगाए गए हैं। अधिकारियों के साथ 1200 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष नजर रखी जा रही है।
अखंड हिंद फौज के कार्यकर्ता भी जुटे
आयोजन को व्यवस्थित बनाने में प्रशासन के साथ विठलेश सेवा समिति और अखंड हिंद फौज के सेवाभावी कार्यकर्ता भी सक्रिय हैं। कार्यकर्ता सुरक्षा, यातायात, श्रद्धालुओं की सहायता और सेवा व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
पांच क्विंटल फूलों से होगा बाबा का श्रृंगार
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा के अनुसार, मंगलवार को कुबेरेश्वरधाम में भगवान कुबेरेश्वर महादेव का पांच क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। सीवन नदी तट से सुबह 9 बजे शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा करीब 11 किलोमीटर का सफर तय कर दोपहर में कुबेरेश्वरधाम पहुंचेगी। इसके बाद सीवन नदी से लाए गए पवित्र जल से भगवान कुबेरेश्वर महादेव का महाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
















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