राजस्थान में पांचना बांध विवाद बढ़ा, कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस अलर्ट

 जयपुर
राजस्थान के पांचना बांध का मुद्दा गरमाता जा रहा है. इसे लेकर अब सियासत भी शुरू हो गई है. जिसके बाद विवाद बढ़ता जा रहा है. विवाद को देखते हुए अब सरकार भी सावधानी बरत रही है. पांचना बांध जल विवाद को लेकर प्रस्तावित धरना, प्रदर्शन और रेल रोको आंदोलन के मद्देनज़र पुलिस मुख्यालय अलर्ट मोड पर आ गया है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है.

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून-व्यवस्था) की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को 23 जून 2026 को दोपहर तक आईजी भरतपुर रेंज को रिपोर्ट करना होगा. ड्यूटी के दौरान अधिकारियों को सरकारी वाहन के उपयोग की भी अनुमति दी गई है.

जयपुर-जोधपुर रेंज के कई बड़े अधिकारी तैनात
ड्यूटी पर लगाए गए अधिकारियों में जयपुर पुलिस मुख्यालय, जयपुर कमिश्नरेट, कोटा शहर और जोधपुर रेंज में तैनात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक और सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी शामिल हैं. पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे विवाद और प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है, ताकि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो.

कई गांव दो पक्षों में बंटे
बता दें, पिछले एक महीने से पांचना बांध पर कई गांव के लोग पहरा देकर पानी रोकने पर अड़े हुए हैं. जबकि कई गांव के किसान कोर्ट के आदेश का हवाला देकर पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं. दो पक्षों के बीच अब यह विवाद गहराता जा रहा है. इस मामले में इसी साल मई महीने में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि बांध का पानी जल्द ही कमांड एरिया में छोड़ा जाए. लेकिन इसके बावजूद आदेश पर काम नहीं हुआ है.

पांचना बांध पर सियासत भी तेज
दूसरी ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों आमने सामने खड़े हैं. पांचना बांध को लेकर गहलोत सरकार पर निशाना साध रहे हैं. जबकि बीजेपी की ओर से मदन दिलावर पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साध रहे हैं और कह रहे हैं कि जब गहलोत की 5 साल की सरकार थी तो उन्होंने इस विवाद को क्यों नहीं सुलझाया. लेकिन बीजेपी सरकार इसका स्थायी समाधान निकालेगी.

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