तिरुवनन्तपुरम
झुलसाती गर्मी, तपती सड़कें और उमस भरी हवाओं के बीच आखिरकार वह खबर आ गई जिसका पूरे देश को इंतजार था. दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है. इसके साथ ही भारत में बारिश के सबसे बड़े मौसम की शुरुआत हो चुकी है. मौसम विभाग (IMD) की घोषणा के बाद केरल के कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई है और आसमान में घने बादलों ने गर्मी की तपिश को काफी हद तक कम कर दिया है. हर साल की तरह इस बार भी मानसून की एंट्री सिर्फ मौसम की खबर नहीं है, बल्कि करोड़ों किसानों, व्यापारियों और आम लोगों के लिए राहत और उम्मीद का संकेत है. खेतों से लेकर शहरों तक अब नजरें बारिश के अगले दौर पर टिक गई हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और देश के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लेगा. ऐसे में अब छाता और रेनकोट निकालने का वक्त आ गया है।
IMD ने गुरुवार को पुष्टि की कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर लिया है. इसके साथ ही लक्षद्वीप और तटीय इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं. मौसम विभाग ने 4 जून से 9 जून के बीच केरल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. कई जगहों पर 7 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है. IMD के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिशूर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. विभाग ने कहा है कि इन इलाकों में तेज बारिश के साथ जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मानसून की एंट्री के साथ बदला मौसम का मिजाज
केरल में मानसून की एंट्री के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया है. कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर केरल के कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में भी भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है. जैसे-जैसे मानसून मजबूत होगा, वैसे-वैसे बारिश का दायरा बढ़ता जाएगा।
IMD ने अपने बयान में कहा कि ‘दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में प्रवेश कर चुका है और अगले कुछ दिनों में इसके तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.’ विभाग के मुताबिक, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय हो रहा है।
मानसून की यह शुरुआत देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद अहम मानी जाती है. भारत की लगभग आधी आबादी किसी न किसी रूप में खेती पर निर्भर है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश की करीब 51 प्रतिशत खेती बारिश पर आधारित है. ऐसे में मानसून अच्छा रहने का मतलब है बेहतर फसल, मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बाजार में सकारात्मक असर।
पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी मानी जा रही थी. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी प्रशांत महासागर में विकसित हो रहे एक टाइफून और लक्षद्वीप के पास बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी खिंच गई थी. इसी कारण मानसून की शुरुआती प्रगति कमजोर पड़ी. हालांकि अब परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं और मानसून तेजी पकड़ रहा है।
UP-बिहार में कब आएगा मानसून?
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक 12 से 15 जून के बीच हो सकती है, हालांकि राज्य के कुछ इलाकों में यह थोड़ा पहले भी पहुंच सकता है. मानसून के पूरे बिहार में सक्रिय होने में इसके बाद करीब 2 से 3 दिन का समय लग सकता है. वहीं उत्तर प्रदेश में मानसून चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून 15 से 20 जून के बीच पहुंचने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसकी एंट्री 20 से 25 जून तक हो सकती है. मानसून के पहुंचने के साथ दोनों राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
कई राज्यों में आंधी-तूफान और तेज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सिर्फ केरल ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों के लिए भी अलर्ट जारी किया है. IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कई जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
मौसम विभाग ने सिर्फ केरल ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों के लिए भी अलर्ट जारी किया है।
किसानों और आम लोगों के लिए क्यों अहम है मानसून?
भारत में मानसून सिर्फ मौसम नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था की धड़कन माना जाता है. अच्छी बारिश होने पर खेती बेहतर होती है, जलाशयों में पानी भरता है और बिजली उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ता है. ग्रामीण बाजारों में मांग बढ़ती है और इसका असर पूरे आर्थिक ढांचे पर दिखाई देता है।
यही वजह है कि हर साल मानसून की एंट्री पर पूरे देश की नजर रहती है. इस बार भी मानसून की शुरुआत को राहत भरी खबर माना जा रहा है. हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी है क्योंकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
आने वाले दिनों में तेजी से आगे बढ़ेगा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अब मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और जुलाई के मध्य तक देश के ज्यादातर हिस्सों को कवर कर लेगा. अगले कुछ दिनों में कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी तेज बारिश शुरू हो सकती है. फिलहाल केरल में मानसून की धमाकेदार एंट्री ने गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है. अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि मानसून की रफ्तार आगे कैसी रहती है।













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