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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पानी की किल्लत को लेकर नगर निगम की बैठक में भारी हंगामा हुआ। पानी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की महिला पार्षद आमने-सामने आ गईं। कांग्रेस पार्षद सईदा अली सदन के अंदर धरने पर बैठ गईं, वहीं बीजेपी पार्षद आशा चौहान ने मह
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गर्मी बढ़ने के साथ ही ग्वालियर में पानी की भारी किल्लत महसूस की जा रही है। इसी समस्या की गूंज नगर निगम परिषद की बैठक में सुनाई दी। कांग्रेस की महिला पार्षद सईदा अली अपनी ही सरकार और अधिकारियों के खिलाफ सदन के भीतर धरने पर बैठ गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी लगातार झूठ बोल रहे हैं और उनके वार्ड को पानी नहीं मिल रहा है। पार्षद सईदा अली ने कहा कि जब तक उनके क्षेत्र की जनता को पानी नहीं मिलेगा, वह धरने से नहीं उठेंगी।
हंगामा सिर्फ सदन के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भी देखने को मिला। बीजेपी पार्षद आशा चौहान अपने वार्ड के लोगों के साथ महापौर कार्यालय के बाहर पहुंचीं और मटके फोड़कर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने महापौर डॉ. शोभा सिकरवार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आशा चौहान ने कहा कि महापौर और निगम के अधिकारी सो रहे हैं, जबकि जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है।
आशा चौहान ने निगम प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 7 दिन में पानी की समस्या हल नहीं हुई, तो जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा और निगम मुख्यालय का घेराव होगा। दोनों तरफ से हुए इस हंगामे और चौतरफा दबाव के बाद निगम के सभापति मनोज सिंह तोमर ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने निगम के आला अधिकारियों को तलब कर शहर में पानी की किल्लत जल्द से जल्द दूर करने के सख्त आदेश जारी किए।















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