नई दिल्ली
मुखर अंदाज के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मंगलवार को एक बार फिर कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने बताया कि अब नेटवर्क सर्वे व्हीकल की रिपोर्ट के आधार पर हाईवे परियोजनाओं की समीक्षा शुरू की है।
दावा किया तीन-चार माह में वह सात-आठ सौ प्रोजेक्ट की समीक्षा कर चुके हैं। अब कहीं भी गड्ढा हो तो पता चल जाता है। इससे ठेकेदार डरे हुए हैं।
ऐसा ठोकूंगा कि जीवन भर नहीं भूल पाएंगे- गडकरी
गडकरी ने कहा कि अब अधिकारी कुछ छिपा नहीं सकते। ठेकेदार, कंसल्टेंट और अधिकारियों के कपड़े उतर गए हैं। जो हाथ में आता है, उनकी ठुकाई करता हूं। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जहां बेईमानी होगी, वहां ऐसा ठोकूंगा कि जीवन भर नहीं भूल पाएंगे।
दरअसल, नेटवर्क सर्वे व्हीकल (एनएसवी) विशेष रूप से तैयार किया गया हाईटेक वाहन है। इसके माध्यम से हाईवे की निगरानी की जाती है। एनएसवी में लगे आधुनिक कैमरों, सेंसर और एआई तकनीक के माध्यम से हाईवे की गुणवत्ता, सुरक्षा आदि खामियों की रिपोर्ट तैयार होती है।
एनएचएआई ने इसके माध्यम से निगरानी के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी कर रखे हैं। वहीं, सीआईआई के कार्यक्रम में गडकरी ने आशंका जताई कि एनएसवी को भी मैनेज करने की कोशिश हो सकती है, इसलिए उन्होंने एक हाईवे की निगरानी तीन एनएसवी से कराने के लिए कहा है। तीनों बार रिपोर्ट तैयार होगी।
पुल के बीयरिंग और एक्सपेंशन ज्वॉइंट बनाने वाली सभी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने का दावा करते हुए बताया कि इसे लेकर नए नियम बनाए जा रहे हैं।
अच्छी सड़कों से नौ प्रतिशत पर आ गई लॉजिस्टिक दर
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने अच्छी सड़कों के महत्व को रेखांकित करते हुए दावा किया कि चीन में आठ, यूरोप और अमेरिका में 12 प्रतिशत लॉजिस्टिक दर है।
दो साल पहले भारत की दर 16 प्रतिशत थी, जो कि अब नौ प्रतिशत पर आ गई है। अच्छी सड़कों को अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी बताते हुए कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सौ रुपये खर्च करने पर अर्थव्यवस्था पर 325 रुपये का सकारात्मक असर पड़ता है और जीडीपी बढ़ती है।
कई परियोजनाओं से उद्योग, कारोबार व आमजन को मिली सुविधा और प्रगति का दावा करते हुए उन्होंने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे शुरू होने से चारधाम यात्रियों की संख्या तीन गुणा बढ़ गई। अब अगले दो माह में दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेसवे शुरू कर दिया जाएगा, जिसके बाद यह दूरी मात्र डेढ़ घंटे में तय की जा सकेगी।














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