India Gold Silver Import Duty Hiked


नई दिल्ली4 मिनट पहले

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सरकार ने 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। File - Dainik Bhaskar

सरकार ने 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। File

केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। बुधवार को जारी इस आदेश के बाद आज यानी 13 मई को वायदा बाजार यानी MCX पर सोना 10 हजार और चांदी 18 हजार रुपए महंगी हो गई है।

10 ग्राम सोने का भाव 1.63 लाख रुपए और 1 किलो चांदी का भाव 2.97 लाख रुपए पर पहुंच गया है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है।

सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी।

टैक्स बढ़ने से तस्करी बढ़ने की संभावना

वहीं, इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से तस्करी बढ़ सकती है। इससे पहले जब ड्यूटी कम की गई थी, तब स्मगलिंग में कमी आई थी।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार ने करंट अकाउंट डेफिसिट (चालू खाता घाटा) को काबू में रखने के लिए यह कदम उठाया है। पहले से ही ऊंची कीमतों के बीच यह फैसला मांग को प्रभावित कर सकता है।

तीन पॉइंट में इस फैसले को समझें…

1. क्या बदलाव हुए?

नया टैक्स: बीते दिनों सोने-चांदी के आयात पर 3% IGST लगने के नियम बदले थे। इसके बाद आज सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी।

बैंकों स्थिति: IGST लगने के बाद बैंक इस बात को लेकर उलझन में थे कि यह टैक्स कैसे भरना है, इसलिए उन्होंने करीब एक महीने तक सोना मंगाना ही बंद कर दिया

नतीजा: अप्रैल में होने वाला आयात मात्र 15 टन रहने का अनुमान है, जो कोविड काल को छोड़कर पिछले तीन दशकों में किसी भी महीने के लिए सबसे कम है।

1. सरकार ने ऐसा क्यों किया?

भारत में लोग सोना बहुत खरीदते हैं। हमारा देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। सोने की मांग को पूरा करने करने के लिए हमे इसे विदेश से मंगाना पड़ता है। इसके लिए डॉलर खर्च होते हैं। जब देश से ज्यादा पैसा बाहर जाने लगता है, तो देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। इसी ‘आयात’ को कम करने के लिए सरकार ने टैक्स के नियम कड़े किए हैं।

2. आम आदमी पर इसका क्या असर होगा?

  • कीमतों में बढ़ोतरी: जब सरकार टैक्स या ड्यूटी बढ़ाती है, तो सोने की ‘लैंडिंग कॉस्ट’ यानी भारत पहुंचने की कीमत बढ़ जाती है। यानी सोना पहले के मुकाबले महंगा मिलेगा।
  • सप्लाई में कमी: टैक्स के झमेले और ऊंची कीमतों के कारण थोक व्यापारी कम सोना मंगाएंगे। बाजार में सोने की उपलब्धता कम होने से भी कीमतें बढ़ सकती हैं।

3. अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर होगा?

इस फैसले से देश का व्यापार घाटा कम हो सकता है और रुपए को कुछ सहारा मिल सकता है। रुपया कल यानी 12 मई को डॉलर के मुकाबले 95.50 के ऑलटाइम लो पर चला गया था। संक्षेप में कहें तो, यह फैसला लंबी अवधि के लिए देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाने वाला है।

पीएम ने दो बार कहा- एक साल तक सोना न खरीदें

पीएम मोदी लगातार दो दिन (10 और 11 मई को) देशवासियों से 1 साल तक सोना न खरीदने की अपील कर चुके हैं। पीएम ने कहा था…

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एक समय था, जब संकट आने पर देशहित में लोग सोना दान दे देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है, लेकिन देशहित में हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें यह स्वीकार करके विदेशी मुद्रा बचानी होगी।

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10 ग्राम सोना ₹1,270 चढ़कर ₹1.52 लाख पर आया

नॉलेज पार्ट: सोने-चांदी पर IGST के नियमों में बदलाव

सरकार के नए नियम के बाद अब बैंकों को सोना इंपोर्ट करते ही तुरंत 3% IGST चुकाना पड़ रहा है, जिससे उनका करोड़ों रुपया एडवांस टैक्स के रूप में ब्लॉक हो गया है।

पहले बैंक ‘बॉन्डेड वेयरहाउस’ की सुविधा का फायदा उठाकर यह टैक्स तब देते थे जब सोना आगे बिकता था, लेकिन अब तुरंत भुगतान करने की शर्त ने बैंकों के कामकाजी पूंजी पर भारी दबाव डाल दिया है। पैसे फंसने और कैश फ्लो की इसी समस्या के कारण बैंकों ने फिलहाल सोने का आयात रोक दिया है।

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