इंदौर
मध्य प्रदेश लोकायुक्त की टीम ने बुधवार सुबह पुलिस प्रशिक्षण महाविय इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की टीम ने सुबह 6 बजे से देवास और इंदौर में फिरोज खान के आवास सहित 15 ठिकानों पर तलाशी शुरू की। शुरुआती जांच में फिरोज खान के पास उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति होने की बात सामने आई है। लोकायुक्त के मुताबिक अब तक की जांच में करीब 6 करोड़ 26 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का पता चला है।
नौकरी के दौरान 75 लाख की सैलरी
इंदौर लोकायुक्तअधिकारियों के अनुसार, फिरोज खान को वेतन से करीब 75 लाख रुपये मिलने का अनुमान है। दूसरी आय को जोड़कर उनकी कुल आय 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपये आंकी गई है। इसके मुकाबले जांच में करीब 6 करोड़ 26 लाख 67 हजार 879 रुपये की संपत्ति होने की जानकारी मिली है। लोकायुक्त का दावा है कि यह संपत्ति उसकी अनुमानित आय से करीब 223 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
देवास और इंदौर में हुई तलाशी
लोकायुक्त की टीमें फिरोज खान के देवास स्थित आदर्श नगर के मकान के अलावा इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में महेश यादव नगर और स्कीम नंबर 94 स्थित मनोरमा अपार्टमेंट में भी पहुंचीं। जांच के दायरे में श्रीनगर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट भी शामिल है। अधिकारियों के अनुसार मनोरमा अपार्टमेंट में दो फ्लैट फिरोज खान की मां वहीदा खान के नाम पर खरीदे जाने की जानकारी मिली है।
देवास में अलग-अलग जगहों पर प्लॉट
इसके अलावा देवास की अलग-अलग कॉलोनियों में स्थित प्लॉट, मकान और कृषि भूमि की भी जांच की जा रही है। इनमें पुष्पकुंज कॉलोनी, विजय नगर कॉलोनी और इंदिरा गांधी नगर के भूखंड शामिल हैं। देवास जिले के गजीपुरा, जेतपुरा और गद्दूखेड़ी में स्थित कृषि भूमि तथा जेतपुरा बायपास के पास व्यावसायिक भूखंड भी लोकायुक्त की जांच के दायरे में हैं। इंदौर जिले की सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में दर्ज कई सर्वे नंबरों की जमीनों की भी पड़ताल की जा रही है।
जमीन के विवाद से जुड़ी शिकायत भी जांच में शामिल
लोकायुक्त को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि फिरोज खान पुलिस विभाग में पदस्थ होने का प्रभाव दिखाकर देवास क्षेत्र में जमीन और प्लॉट से जुड़े विवादों में हस्तक्षेप करता हैं। शिकायत में यह भी कहा गया था कि वो अन्य लोगों के माध्यम से जमीनों के लेन-देन में शामिल हैं और अपने परिवार के सदस्यों तथा परिचित महिला के नाम पर संपत्तियां खरीद रहा हैं। शिकायतकर्ता ने उसके पास कई वाहन होने और लकड़ी के कारोबार से जुड़े होने का भी जिक्र किया था।
21.75 बीघा जमीन के सौदे की भी जांच
मामले में जमीन के एक विवाद का जिक्र भी सामने आया है। लोकायुक्त के अनुसार शिकायतकर्ता और उसके पिता के बीच सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी दौरान फिरोज खान ने अपनी परिचित रोशनी वर्मा के नाम से शिकायतकर्ता के पिता से करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया। जांच में इस सौदे के पीछे फिरोज खान की भूमिका होने की बात सामने आ रही है।
मां और पत्नी के नाम पर ट्रेडिंग फर्म
लोकायुक्त ने रोशनी वर्मा को भी इस मामले में आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी के मुताबिक फिरोज खान की मां और पत्नी के नाम पर साहिल ट्रेडिंग कंपनी फर्म होने की जानकारी मिली है। कंपनी के खाते में करोड़ों रुपये के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। रोशनी वर्मा के नाम से रोशनी सेल्स एंड सर्विस फर्म संचालित होने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट नाम की फर्म के जरिए रियल एस्टेट में निवेश किए जाने की भी पड़ताल की जा रही है।
आठ अधिकारियों की टीम कर रही जांच
लोकायुक्त की इस कार्रवाई में इंदौर और उज्जैन के आठ अधिकारियों सहित पुलिस बल के अन्य सदस्य शामिल हैं। देवास में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान और दीपक सेजवार सहित निरीक्षक सचिन पटेरिया, राजेंद्र वर्मा और प्रतिभा तोमर की टीम कार्रवाई कर रही है। वहीं इंदौर में उप पुलिस अधीक्षक आनंद चौहान, दिनेशचंद्र पटेल और निरीक्षक आशुतोष मिठास सहित अन्य कर्मचारी तलाशी में जुटे हैं।












Leave a Reply